00 सिंधु भवन में श्री झूलेलाल कथा जारी
राजनांदगांव। पूज्य सिंधी पंचायत द्वारा शहर के लालबाग स्थित सिंधु भवन में आयोजित भगवान श्री झूलेलाल कथा के दूसरे दिन संत सांई लाल दास ने कथा को आगे बढ़ाते हुए बताया कि भगवान वरूणदेव ने ही झूलेलाल के रूप में अवतार लिया है।
पूज्य सिंधी पंचायत के मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ता अशोक पंजवानी ने बताया कि चकरभाठा वाले संत श्री लाल दास ने भगवान श्री झूलेलाल के अवतरण के बारे में बताया कि कैसे हिन्दुओं एवं सिंधियों के घोर संकट के समय चंद्र दिवस शुक्रवार को सिंध प्रदेश नखतपुर में रतन राय के घर माता देवकी के गर्भ से जन्म लिया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण एवं श्री झूलेलाल की समानता के बारे में भी बताया। जैसे श्रीकृष्ण जी ने बाल लीला की, वैसे ही झूलेलाल भगवान ने बाल लीला की।
संत लालदास ने विस्तार से बताया कि सिंध प्रदेश के ठढे नगर में एक मुस्लिम बादशाह का राज था, जो चाहता था कि सभी हिन्दू सिंधी या तो मुसलमान बन अथवा हमारा सिंध प्रदेश छोड़ दे अन्यथा उनका मृत्यु दण्ड किया जाएगा। अंत में हिन्दुओं के मुखिया ने गांव वालों के साथ जाकर तीन दिन का समय मांगा और सभी सिंधी एवं हिन्दू सिंधु नदी किनारे वरूणदेव को पुकारने लगे। उन्होंने दीया जलाकर जल देवता से हाथ जोडक़र प्रार्थना की कि या तो आपआकर हमें बचा लो अन्यथा हम सभी जल समाधि लेकर अपनी जान देंगे। फिर तीसरे दिन आकाशवाणी हुई कि आपकी एवं सनातन हिन्दू धर्म की रक्षा करने के लिए अवतार लूंगा। इस तरह भगवान वरूणदेव ने झूलेलाल के रूप में अवतार लिया। इसके आगे की कथा तीसरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
इस अवसर पर पूज्य सिंधी पंचायत हेमू कालाणी के अध्यक्ष मन्नूमल मोटवानी, आवतरात तेजवानी, गुरूमुख दास वाधवा, राजा माखीजा, दौलत राम चंदानी, हुंदल रात मनकानी, हरीश मोटवानी, जयपाल मंगवानी, सुनील लेखवानी, चंदन रूचंदानी, संदीप सहेबानी, मुरली पंजवानी, कमल गंगवानी, कौशल शर्मा, पवन जेठानी, भीमन धनवानी, रोहित माखीजा, गौरव आहूजा, अखिल अंदानी, कन्हैया तलरेजा, अमित गिडवानी, सूरज पंजवानी, जय पंजवानी, तरूण आहूजा, राम रूचंदानी, विनय दरयानी आदि उपस्थित रहे।
