राजनांदगांव। जिले में लाकडाउन अब तक काफी हद तक कारगर साबित हुआ है। लेकिन संक्रमण की चेन अब भी पूरी तरह से नहीं टूट सकी है। लाकडाउन के अब तक के 24 दिनों में 187 की कोरोना से मौत हुई है। इसी अवधि में करीब 22 हजार नए मरीज भी मिले। ऐसे में प्रभावी नियंत्रण के लिय छह मई की सुबह खत्म होने वाले लाकडाउन को हफ्तेभर के लिए और बढ़ाने की तैयारी है। प्रशासन इस पर मंगलवार को फैसला कर सकता है। उम्मीद की जा रही है कि सख्ती के बीच लोगों को पहले से थोड़ी राहत भी दी जा सकती है।
जिले में नौ अप्रैल से लाकडाउन लगा है। तब तक हर दिन 1200 व कई दिन उससे अधिक मरीज मिल रहे थे। उस अवधि तक 26675 लोग संक्रमित हो चुके थे। तब जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या 6700 थी। तीन मई तक कुल संक्रमितों का आंकड़ा 51000 पहुंच गया। अभी सक्रिय मरीज 9300 हैं। लाकडाउन के पहले मौतों का आंकड़ा 253 था जो वर्तमान में 440 है। यानी बंदिशों के दौरान ही 187 मौत व 22 हजार नए मरीज। इस आंकड़े को प्रभावी तरीके से नियंत्रित करने लाकडाउन को और आगे बढ़ाने की तैयारी है।
लाकडाउन की मियाद पांच मई के बाद खत्म होने जा रही है। छह की सुबह से बंदिशें जारी रखी जाए या राहत दी जाए, इस पर फैसला चार मई को ही कर लिया डाएगा। इसके लिए प्रशासन की अहम बैठक होने जा रही है। इसमें लाकडाउन के पहले व अब की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। उसके आधार पर ही कोई निर्णय किया जा सकेगा। संक्रमण की चेन शहर में तो लगभग टूट चुकी है, लेकिन गांवों में हालात अब भी काबू में नहीं है।
0 जंग जीत चुके हैं 42 हजार लोग संक्रमण की चेन टूटने के साथ ही कोरोना में जंग जीतने वालों का आंकड़ा भी थोड़ी राहत की उम्मीद दिखा रहा है। अब तक 51000 संक्रमितों में से करीब 42 हजार लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। सक्रिय मरीज 9100 में से 7600 घर पर ही इलाज करा रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि लाकडाउन को थोड़ा आगे बढ़ाने से प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। हालांकि पूरी तरह सख्ती के बीच थोड़ी राहत भी दी जा सकती है।
आज तय करेंगे जिले में स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में आ गई है। गंभीर मरीज कम मिल रहे हैं। मृत्यु दर भी काफी कम हो चुकी है, लेकिन इसके बाद भी सख्ती की जरूरत है। लाकडाउन पर मंगलवार को फैसला करेंगे।
-टीके वर्मा, कलेक्टर
