राजनांदगांव। कोरोना संक्रमण से जंग जिले में जारी है। संक्रमण को हराने के लिए जिले में वैक्सीनेशन चल रहा है। हर दिन कोरोना का टीका लगवाने वाले लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। उत्साह के साथ लोग संक्रमण को मात देने जिंदगी का टीका लगवा रहे हैं।
अभी तक जिले में करीब पौने तीन लाख से अधिक लोगों को कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के लिए डोज लग चुका है। इसमें हेल्थ वर्करों के साथ फ्रंट लाइन कोरोना वारियर्स और 45 प्लस के लोग शामिल है। इसी का नतीजा है कि जिले में संक्रमण की दर पहले से घट रही है। मृत्यु दर भी पहले से कम हो गया है।
पहला डोज लगा चुके लोग कोरोना टीका का अनुभव भी बता रहे हैं। बुधवार को शहर के लखोली स्थित वैक्सीनेशन सेंटर पहुंचे मठपारा के 28 वर्षीय दिव्यांग कृष्ण कुमार ने भी टीका लगवाकर युवा वर्ग को प्रेरित किया। दिव्यांग कृष्ण कुमार ने कहा कि कोरोना से संक्रमित होने से बचने के लिए सुरक्षा कवच जरूरी है। यह वैक्सीन हमें संक्रमण से बचाने का काम कर रही है।
युवाओं में बढ़ रहा उत्साह जिले में 18 प्लस वालों को भी टीका लगना शुरू हो गया है। इसके बाद युवाओं का उत्साह बढ़ गया है। हालांकि अंत्योदय राशन कार्ड के फेर में सामान्य वर्ग के युवा कोरोना टीका से अभी दूर हैं, लेकिन लगातार युवा वर्ग कोरोना से सुरक्षा के लिए वैक्सीनेशन पर जोर दे रहे हैं। अभियान पिछले एक मई से शुरू हुई है।
अभी तक जिले में एक हजार से अधिक लोग टीका लगा चुके हैं। जिले में 18 प्लस वालों के लिए पहली खेप में साढ़े नौ हजार वैक्सीन आयी है। इसमें 23 सौ टीका शहरी क्षेत्र और सभी ब्लॉकों में आठ-आठ सौ वैक्सीन भेजा गया है।
सुरक्षा दे रही वैक्सीन डाक्टरों की मानें तो कोरोना वैक्सीन संक्रमण से सुरक्षा दे रही है। प्रतिरोधात्मक क्षमता भी बढ़ा रही है। कोरोना वैक्सीन को लगा चुके लोगों ने इसे सुरक्षा कवज बताया है। इसके चलते ही 18 प्लस वालों में भी वैक्सीनेशन को लेकर उत्साह बढ़ा है। वैक्सीनेशन के टारगेट की बात करें तो जिले की जनसंख्या करीब 17 लाख है।
स्वास्थ्य विभाग इसमें से लगभग 50 फीसद लोगों को टीकाकरण लगाने का लक्ष्य रखी है। जिसमें पौने तीन लाख से अधिक लोगों को जिंदगी का टीका कहे जाने वाला वैक्सीन लग चुका है।
गांवों में 65 फीसद टीकाकरण महामारी से उबरने के लिए कोरोना टीका का अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिले के लगभग सभी जनपदों में 60 से 65 फीसद टीकाकरण हो चुका है। करीब 428 गांवों में वैक्सीनेशन 90 फीसद से हो चुका है। अभियान अभी जारी है। हालांकि मार्च-अप्रैल माह के बीच में संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के दौरान टीकाकरण कम हो गया था, अब फिर वैक्सीनेशन ने रफ्तार पकड़ ली है। कोरोना वारियर्स के अलावा 45 प्लस और 18 से 44 वर्ष के उम्र के लोगों को कोरोना का टीका लगा रहा है।
दिव्यांग कृष्ण कुमार ने टीका लगाकर किया प्रेरित कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए वैक्सीन सबसे बड़ा हथियार है। टीका लगवाकर हम कोरोना को मात दे सकते हैं और अपने जीवन के साथ परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए लोग उत्साह के साथ वैक्सीन की डोज लगवाने पहुंच रहे हैं। बुधवार को शहर के मठपारा में रहने वाले 28 वर्षीय दिव्यांग कृष्ण कुमार सोनकर ने कोरोना को हराने लखोली वैक्सीनेशन सेंटर जाकर जिंदगी का टीका लगवाया।
दिव्यांग कृष्ण ने लोगों को भी टीका लगाकर अपनी आयु बढ़ाने और परिवार को सुरक्षित रखने प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकार टीकाकरण के माध्यम से कोरोना को हराने का प्रयास कर रही है। इसमें हमें भी आगे बढ़कर सहयोग करना है। खुद टीका लगाकर लोगों को भी वैक्सीन लगाने प्रेरित करना है, तभी हम खुद के साथ परिवार को सुरक्षित रखकर कोरोना से छुटकारा पा सकते हैं।
वैक्सीन लगाने बढ़ रही जागरूकता
कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के लिए 45 प्लस ही नहीं 18 से 44 वर्ष के लोगों में जागरूकता बढ़ी हुई है। संक्रमण को मात देने लोग उत्साह के साथ वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। भले ही कुछ क्षेत्रों में भ्रम और अफवाह फैल गई थी। इसके बाद भी लोगों में जागरूकता बढ़ी है। जिले के आधे गांवों में 90 फीसद वैक्सीनेशन पूर्ण कर लिया गया है। अभियान लगातार जारी है। लोग बिना डरे टीका लगवाए और दूसरों को भी प्रेरित करें।
-डा. बीएल कुमरे, जिला टीकाकरण अधिकारी
