कमीशनखोरी के चक्कर में दो सालों से बिल का भुगतान अटका पड़ा है
राजनांदगांव । पीएचई कांटे्रक्टर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अशोक पंजवानी ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) दुर्ग के अधिकारियों द्वारा ठेकेदारों को बिल पास करने के नाम पर कमीशन के रूप में रिश्वतखोरी का जिक्र करते हुए कहा है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा ठेकेदारों को कमीशन के नाम पर अनावश्यक परेशान कर बिल को दो साल से अटका कर प्रताडि़त किया जा रहा है।
पंजवानी ने जारी विज्ञप्ति में कहा है कि जल जीवन मिशन में अधिकारियों के द्वारा बिल बनाने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। ठेकेदार मजबूर हैं, क्योंकि उनके कार्य का बिल बनाना बाकी है। किए गए कार्यों का भुगतान दो साल से भी अधिक समय से लंबित है। अधिकारियों के द्वारा बिल बनाने के नाम पर अवैध डिमांड की जाती है। रूपए नहीं दे पाने की स्थिति में उनके द्वारा कार्य में विभिन्न त्रुटियां निकाल कर शासन और प्रशासन के सामने ठेकेदारों को अधिकारियों के द्वारा बदनाम किया जाता है, जबकि उनके टाइम कीपर और अधिकारियों के निर्देश के अनुसार ही ठेकेदार कार्य करता है। उसके बावजूद ठेकेदारों को प्रताडि़त किया जा रहा है।
पंजवानी ने कहा कि अभी दुर्ग में ठेकेदार ने अधिकारियों की प्रताडऩा से परेशान होकर स्वयं हिडन कैमरा लगाकर पैसा देते हुए वीडियो वायरल किया है। उस ठेकेदार का एनडीटीवी में वर्जन भी आया है, जिसमें उन्होंने कार्यपालन अभियंता, वहां के सब इंजीनियर और ऊपर के अधिकारियों पर पैसे की डिमांड का आरोप लगाते हुए बिल नहीं बनाने का आरोप लगाया है। इस घटना से साबित होता है कि प्रदेश में जल जीवन मिशन में अधिकारियों के द्वारा लूट खसोट, अवैध वसूली निरंतर जारी है। अधिकारियों को किसी का डर नहीं रह गया है।
यही स्थिति पीएचई के सभी डिवीजन ऑफिस राजनांदगांव की है। एक तरफ विभागीय मंत्री अरुण साव विधानसभा में जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं। उसके बाद भी इस प्रकार की घटनाएं उनके जीरो टॉलरेंस को ठेंगा दिखाते हुए प्रतीत होती है। यदि शासन और अधिकारी साफ मन से कार्य करें तो ठेकेदार कभी भी किसी कर्मचारी को हिडन कैमरे के माध्यम से कवर करने की कोशिश भी नहीं करेगा। पंजवानी ने पीएचइडी ठेकेदार एसोसिएशन राजनांदगांव के अध्यक्ष होने के नाते दुर्ग पीएचई अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग राज्य शासन से की है।
