जिले में कोरोना के बाद अब टीके की लहर शुरू हुई है। तीन दिन के भीतर 40 हजार से अधिक लोगों ने वैक्सीन लगवाई ली है। इससे जिला प्रशासन को भी बड़ी राहत मिली है। खास बात यह है कि वनांचल क्षेत्र में फैला टीके का भ्रम भी टूट रहा है। मोहला-मानपुर इलाके से भी बड़ी संख्या में लोग वैक्सीनेशन के लिए पहुंच रहे हैं।
वैक्सीन के दूसरे डोज के लिए भी आने वालों की संख्या में गिरावट आ गई थी। लेकिन अचानक बदली लहर से 45 प्लस के लोग भी उत्साहित हो गए हैं। इन दिनों दूसरे डोज के लिए भी बड़ी संख्या में लोग स्वस्फूर्त केंद्रों तक पहुंच रहे हैं। इसी का परिणाम है कि जिले में अब टीके के लहर की स्थिति बन गई है। सुबह से शाम तक केंद्रों में लोगों की कतार लग रही है। इस स्थिति ने जिला प्रशासन और स्वास्थ विभाग को भी बड़ी राहत दी है।
इधर जिला प्रशासन ने टीकाकरण के लिए सोशल मीडिया में बेहतर तस्वीर और संदेश के माध्यम से जागरुक करने वालों को भी पुरस्कृत करने की घोषणा की है। लगातार बढ़ रही रफ्तार, बुधवार को रिकाॅर्ड 18 हजार: टीके के लहर की शुरुआत जिले में 21 जून से हुई। 21 जून को कुल 8880 लोगों को वैक्सीन लगी। इसके बाद 22 जून को एक ही दिन में वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या 11 हजार 188 तक पहुंच गई। बुधवार को 18 हजार 197 लोगों ने कोरोना की वैक्सीन लगवाई है।

औरों के लिए बनी प्रेरणा
गंडई की 80 वर्षीय बुजुर्ग मिलन बाई बारिश से बचाव करते हुए टीकाकरण कराने पहुंची। उन्होंने दूसरी डोज लगवाई। यह सजगता की यह एक मिसाल है।
वैक्सीनेशन को लेकर सबसे बड़ी परेशानी जिले के मोहला और मानपुर ब्लाक में सामने आ रही थी। यहां टीके के खिलाफ फैलाए जा रहे भ्रम के चलते लोग दूर हो रहे थे। लेकिन इन हिस्सों में भी अफवाह का चक्र टूट गया है। बीते तीन दिनों ने मोहला मानपुर इलाके में भी टीकाकरण की स्थिति बेहतर है। 21 और 22 जून को इन हिस्सों में 3200 से अधिक लोगों का टीकाकरण हुआ, वहीं बुधवार को भी इन हिस्सों में 2 हजार से अधिक लोग वैक्सीन लगवाने के लिए केंद्रों में पहुंचे ।
सोशल मीडिया में करें शेयर, होंगे पुरस्कृत
जिला प्रशासन ने कहा कि ऐसे परिवार जिन्होंने अपने परिवार का पूर्ण टीकाकरण करवा लिया है, वे अपने पूरे परिवार के फोटो के साथ सुरक्षित टीका, सुरक्षित परिवार के साथ संदेश देकर फोटो शेयर कर सकते हैं। ऐसे व्यक्ति जिन्होंने खुद कोविड वैक्सीनेशन लगा लिया है और अपने एक दोस्त या रिश्तेदार को टीकाकरण कराने प्रेरित कर टीकाकरण कराते हैं तो फोटो शेयर कर सकते हैं। अच्छे फोटो और अच्छे संदेश को पुरस्कृत किया जाएगा।
लोगों में अभूतपूर्व उत्साह: कलेक्टर
जिला प्रशासन ने दावा किया है कि जिस हिसाब से लोग जागरुक हो रहे हैं, उससे आने वाले दिनों में वैक्सीनेशन की रफ्तार और बढ़ेगी। यह अब तक की सबसे बेहतर स्थिति और शुभ संकेत हैं। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए जिले में टीकाकरण को लेकर अभूतपूर्व उत्साह है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग कतार लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इस उत्सवी माहौल को आगे बढ़ाते हुए 24 जून को जिले में टीकाकरण महोत्सव मनाया जाना है। कल का दिन सुरक्षित टीका-सुरक्षित परिवार जनआंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण दिन होगा। कोरोना के खिलाफ चल रही इस जंग में शामिल होकर पूरे राजनांदगांव जिले को सुरक्षा-कवच पहनाएं। स्वयं भी टीका लगवाएं एवं दूसरों को भी प्रेरित करें। शीघ्र ही राजनांदगांव जिला कोरोना से पूर्णत: सुरक्षित जिला बनेगा। 18 प्लस का वैक्सीनेशन शुरु होते ही सोशल मीडिया में भी जागरूकता के अभियान जारी है। वैक्सीन का संकट दूर हो गया है। पर्याप्त डोज मिलने से ज्यादा लोगों को टीका लग रहा है।
भास्कर अपील; वैक्सीन लगवाकर खुद व परिवार को रखें सुरक्षित
जिले में वैक्सीनेशन का अभियान पूरी तेजी से जारी है। ऐसे में आप भी जागरुक बनें और वैक्सीनेशन के लिए सामने आएं। वैक्सीन लगाकर खुद को और परिवार के सदस्यों को भी सुरक्षित रखें । वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और कोरोना संक्रमण को रोकने कारगर माध्यम है।
इन तीन बिंदुओं से समझिए वैक्सीनेशन बढ़ने का कारण
खतरा: देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। इस लहर में बच्चों को अधिक खतरा होने की भी संभावना पर चर्चा हो रही है। बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए अभिभावकों को वैक्सीनेट होना बेहद जरुरी है। इसके चलते भी लोग स्वस्फूर्त सामने आ रहे हैं।
सुरक्षा: वैक्सीनेशन को लेकर पहले काफी भ्रम की स्थिति थी। लेकिन धीरे-धीरे लोगों ने समझा की वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। आसपास के लोगों को देख लोगों में हिम्मत आई। इसके बाद लोग केंद्रों तक बेझिझक पहुंच रहे हैं। लोग अब कोरोना के किसी भी लहर से सुरक्षित रहना भी चाह रहें।
अभियान: जिला प्रशासन हर हिस्से में वैक्सीन को लेकर जागरुकता अभियान चला रही है। गांव-गांव में इसके फायदे बताने मितानिन से लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व स्वास्थ्य कर्मचारी लगे हुए हैं। इसका असर दिख रहा है।
