राजनांदगांव : पेयजल आपूर्ति के समय बिजली बहाल रखें अफसरों को गुलाब भेंटकर रखी अपनी मांग …
अंबागढ़ चौकी l पावर कट और लो वोल्टेज की समस्या ने नगर में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था गड़बड़ा गई है। पेयजल आपूर्ति के समय सुबह और शाम को हो रही बिजली गुल से नगरवासियों को दोनों समय पेयजल सप्लाई नहीं हो पा रही है। इससे नगर में पेयजल संकट खड़ा हो गया है। इससे नागरिकों को गर्मी में पीने के पानी एवं निस्तारी के लिए काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल मानिकपुरी ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के सहायक यंत्री व कनिष्ठ यंत्री कार्यालय पहुंचकर पावर कंपनी से पेयजल आपूर्ति के समय विद्युत व्यवस्था बहाल रखने की मांग की।
नपं अध्यक्ष ने पावर कंपनी के एई व जेई कार्यालय में दोनों अधिकारियों से भेंटकर उन्हें गुलाब के फूल के साथ ज्ञापन सौंपते हुए गर्मी में पानी के संकट को ध्यान में रखते हुए पेयजल आपूर्ति के समय विद्युत व्यवस्था प्रातः 6 से 9 और शाम 4 से 6 के समय बहाल रखने की मांग की। अधिकारियों को बताया कि पेयजल आपूर्ति के समय बिजली गुल रहने एवं लो वोल्टेज के कारण नगर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह गड़बड़ा गई है। हम नगरवासियों को निर्धारित दोनों समय तक पेयजल आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। इससे नगर में पेयजल संकट खड़ा हो गया है और हमें नागरिकों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों को ज्ञापन के साथ गुलाब का फूल सौपते हुए नपं अध्यक्ष ने कहा कि हम आज शांतिपूर्वक ढंग से आपसे निवेदन कर रहे हैं। अन्यथा हमें मजबूरी में जनता को पानी पिलाने के लिए आंदोलन की डगर पकड़नी पड़ेगी। ज्ञापन के दौरान पार्षद शंकर निषाद, पूर्व पार्षद प्रमोद ठलाल, अफसान खान, ओमेश दुबे, बाबू दुबे, महेश निषाद, वैभव परिहार, देवेन्द्र देवांगन आदि उपस्थित थे।
पखवाड़े भर से हो रहा है पावर कट, परेशानी बढ़ी अप्रैल के महीने से नगर में बिजली आपूर्ति व्यवस्था गड़बड़ा गई है। अचानक हो रहे पावर कट एवं बिजली गुल का असर नगर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था फेल हो गई है। नागरिकों की शिकायत है कि सुबह और शाम के समय पेयजल आपूर्ति के समय लाईट गुल होने के बाद पानी ही नहीं मिलता है। नगरीय निकाय की माने तो पावर कट होने के बाद फिर लाइट आने के बाद लो वोल्टेज व तकनीकी कारणों से पंप काम नहीं करता है।
वाटर लेवल डाउन होने से नहीं भर पा रही हैं पानी टंकियां गर्मी में मार्च व अप्रैल के महीने से भूजल स्तर में भारी गिरावट आई है। वाटर लेबल डाउन होने का असर सीधे नगरीय निकाय के पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में आ रही है। नगरीय निकाय क्षेत्र में एक-एक लाख की चार व ढ़ाई लाख की एक पानी टंकी सीधे बोर के माध्यम से भरा जाता है। इसके अलावा कई वार्डो में सीधे स्पाट सोर्स योजना के माध्यम से पेयजल आपूर्ति होती है। भूजल स्तर गिरने से शाम के समय पानी टंकियां भर नहीं पाती है। क्योंकि दोपहर के समय टंकी भरने के लिए निकाय को मात्र छह घंटे मिलते हैं। ऐसे समय में पावर कट व लो वोल्टेज की समस्या से परेशानी बढ़ी है।
