कलेक्टर अमित कुमार ने महुआ पेड़ के नीचे लगाई जनचौपाल
सुकमा । जिले में ‘सुशासन तिहार’ के तहत प्रशासन की सक्रियता अब दूरस्थ अंचलों तक साफ दिखाई देने लगी है। जिले के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम पुसगुड़ा में शुक्रवार को कलेक्टर अमित कुमार ने महुआ पेड़ की छाँव में ग्रामीणों के बीच बैठकर जनसमस्याओं को सुना और संवाद किया। यह दृश्य केवल एक सरकारी दौरे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुँचाने का मजबूत संदेश बनकर सामने आया।
महुआ पेड़ के छाँव में लगी चौपाल
करीब 106 की आबादी वाले छोटे से गांव में कलेक्टर का जमीन पर ग्रामीणों के साथ बैठना प्रशासन की संवेदनशीलता और जनसेवा भावना को दर्शाता है। नियद नेल्लानार योजना 2.0, बस्तर मुन्ने और सुशासन तिहार के तहत आयोजित चौपाल में ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बातें रखीं। कलेक्टर ने न केवल उनकी बातों को गंभीरता से सुना, बल्कि मौके पर ही समाधान की दिशा में कार्रवाई कर प्रशासनिक तत्परता का परिचय दिया।
जनहित में बड़े फैसले, गांव को मिली नई उम्मीद
चौपाल के दौरान गांव के विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। गांव को मुख्यधारा से जोड़ने हेतु पक्की सड़क के लिए पंचायत से तत्काल प्रस्ताव मंगाया गया। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गांव के लिए एक ‘तूफान’ सवारी गाड़ी देने की घोषणा की गई। साथ ही सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि गर्भवती महिलाओं को पहले से चिन्हित कर समय पर उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
तत्काल कार्रवाई से बढ़ा प्रशासन पर भरोसा
प्रशासन की कार्यक्षमता उस समय और स्पष्ट नजर आई जब चौपाल के दौरान खराब हैंडपंप की शिकायत सामने आते ही उसे तत्काल रिपेयर करवा दिया गया। इसके अलावा गांव में आवश्यक सामुदायिक निर्माण कार्यों के लिए 20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की बात कही गई, जिससे गांव में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और मजबूत होगा। ग्रामीणों ने इस पहल को सुशासन की सच्ची तस्वीर बताया।
शासकीय योजनाओं से बदल रही तस्वीर
कलेक्टर अमित कुमार को अपने बीच पाकर ग्रामीण अत्यंत खुश हुए। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक बताया कि अब गांव में बिजली पहुंच चुकी है, जिससे पुसगुड़ा अंधेरे से बाहर निकल आया है। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल से जल मिलने लगा है और श्रम कार्ड बनने से ग्रामीण शासन की योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।
कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि हमारा उद्देश्य केवल कार्यालयों से आदेश जारी करना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक पहुँचकर उसकी आँखों की नमी को मुस्कान में बदलना है। ‘सुशासन तिहार’, ‘बस्तर मुन्ने’ और ‘नियद नेल्लानार 2.0’ के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि शासन की हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और सुकमा के हर गांव में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों।
इस अवसर पर एसडीएम सुभाष शुक्ला, जनपद सीईओ सुमित ध्रुव, एडिशनल एसपी मनोज तिर्की सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
