राजनांदगांव , शहरवासियों को मोबाइल की दुनिया से बाहर निकालकर प्रकृति, स्वास्थ्य और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ने की पहल के तहत नगर निगम राजनांदगांव द्वारा रविवार सुबह चौपाटी के पास आयोजित “मस्ती की पहली पाठशाला” में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। सुबह 5:30 बजे से ही परिवारों के साथ बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे। भारतीय पारंपरिक खेलों, योग, चित्रकला और संगीतमय जुम्बा ने आयोजन को जीवंत बना दिया।
महापौर मधुसूदन यादव ने उपस्थित नागरिकों का स्वागत करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वच्छ शहर की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से मस्ती की पाठशाला की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की मांग पर बजट में प्रावधान कर यह पहल शुरू की गई है और गर्मी की छुट्टियों के दौरान प्रत्येक रविवार को इसका आयोजन किया जाएगा। महापौर ने इसे सामाजिक, खेल और सांस्कृतिक संगठनों के सहयोग से शहर में स्वस्थ मनोरंजन की नई शुरुआत बताया।
हर रविवार को होगा यह आयोजन: निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने कहा कि मस्ती की पाठशाला हर रविवार सुबह 5:30 से 7:30 बजे तक आयोजित होगी। उन्होंने बताया कि पहले आयोजन में निगम प्रशासन, पुलिस और यातायात विभाग के अधिकारी-कर्मचारी व्यवस्थाओं में सक्रिय रहे तथा आगामी आयोजनों को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
