राजनांदगांव , जिला अस्पताल में मरीजों, गर्भवतियों और शिशु वतियों को परोसे जाने वाले भोजन, नाश्ते की गुणवत्ता एवं मात्रा पर फोकस रहेगा। जिला अस्पताल प्रबंधन यहां के किचन का टेंडर निकालने की तैयारी में जुटा है। टेंडर भरने वालों को प्रबंधन के सभी नियम शर्तों में खरा उतरना होगा। जिला अस्पताल प्रबंधन की एक कमेटी टेंडर के सभी नियम शर्तों को तैयार कर रही है। जिला अस्पताल भर्ती मरीज को मिलने वाले नाश्ते और भोजन के मेनू में बदलाव करने की तैयारी है।
मरीजों के भोजन में पोषण पर पहला फोकस रहेगा। इसके लिए इसके मेनू में पौष्टिक आहार और मिलेट से बनने वाले व्यंजन को शामिल किया जा सकता है। अस्पताल प्रबंधन दोनों टाइम के नाश्ते का अलग और भोजन का अलग से मेनू तैयार कर रहा है। इसमें दाल, चावल, रोटी, मौसमी सब्जी, प्राटीन, अचार, पापड़, सलाद एवं विटामिन के लिए पनीर, मौसमी फल, दूध एवं अन्य पोषण से भरे व्यंजन शामिल किए जाएंगे। राष्ट्रीय पर्व एवं अन्य पर्वों के दौरान मरीजों को विशेष व्यंजन परोसने की तैयारी है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र प्रसाद ने बताया किचन टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को दोनों टाइम निशुल्क नाश्ता और भोजन दिया जाता है। यहां वर्तमान में एक महिला समूह विगत वर्ष टेंडर मिलने पर इसका संचालन कर रही है। यहां सामान्य मरीजों और गर्भवतियों को परोसे जाने वाली प्रति थाली का भुगतान शासन द्वारा 100 से 150 रुपए तक महिला समूह को किया जाता है। इसकी टेंडर अवधि अब खत्म होने वाली है जिसके चलते अस्पताल प्रबंधन नए टेंडर की तैयारी में जुटा है। विगत वर्ष 5 संस्थानों टेंडर में हिस्सा लिया था। विवाद की स्थिति बनी थी।
स्पेशल डाइट के लिए डॉक्टरों की मदद लेंगे अस्पताल में भर्ती मरीज किस बीमारी या तकलीफ को लेकर भर्ती हुआ है। उसे कौन सी दवाएं दी जा रही, उसे क्या खाना होगा क्या नहीं, इस बात को ध्यान में रख डाइट तैयार किया जाएगा। इससे मरीजों को बीमारी से जल्दी रिकवर करने में आसानी होगी। गर्भवतियों और शिशु वतियों के लिए अलग से डाइट चार्ट तैयार होगा। इसमें जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य को ध्यान में रख नाश्ते और भोजन में पोष्टिक आहार परोसे जाएंगे। खासकर महिलाओं, किशोरियों, कुपोषित बच्चों की डाइट में रायशुमारी से फैसला होगा।
