राजनांदगांव | शहर के कई सरकारी स्कूलों में बनाए गए गार्डन देखरेख के अभाव में सूखते जा रहे हैं। लाखों रुपए खर्च कर विकसित किए गए पौधे पानी और रखरखाव के अभाव में नष्ट हो रहे हैं।
गार्डन बच्चों के लिए सीखने और पर्यावरण जागरूकता का माध्यम होते हैं, लेकिन उपेक्षा के कारण उनका उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा। शिक्षा विभाग को नियमित देखभाल, माली की व्यवस्था और जल प्रबंधन कराने की जरूरत है।
