– सुशासन तिहार शिविर में गर्भवती तारामती की हुई गोद भराई
– सुपोषण के प्रति बढ़ा विश्वास
राजनांदगांव । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आयोजित जन समस्या निवारण शिविर नागरिकों के लिए केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम ही नहीं, बल्कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंच रहा है। इसी कड़ी में जिले के विकासखंड अंतर्गत ग्राम अर्जुनी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम केसला निवासी गर्भवती महिला श्रमती तारामती जांगड़े के जीवन में खुशियों की नई सौगात मिली, जब गोद भराई कार्यक्रम के अवसर पर उसे सुपोषण किट प्रदान की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को उचित पोषण उपलब्ध कराते हुए सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ शिशु के जन्म को प्रोत्साहित करना है। गोद भराई कार्यक्रम के अवसर पर गर्भवती महिलाओं को सुपोषण किट प्रदान कर उन्हें पोषण, स्वास्थ्य जांच एवं गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक किया गया।
तारामती जांगड़े ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को सुपोषण किट प्रदान किया जाता है। जिसमें पौष्टिक आहार से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के समय उचित पोषण माँ और गर्भस्थ शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। इस प्रकार की सहायता मिलने से गर्भवती महिलाओं को पोषण संबंधी सहयोग मिलता है, जिससे स्वस्थ बच्चे के जन्म में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि शासन की योजनाओं के माध्यम से उन्हें समय-समय पर स्वास्थ्य जांच, पोषण संबंधी सलाह और आवश्यक सहयोग प्राप्त हो रहा है। शिविर में प्राप्त सुपोषण किट से उन्हें संतुलित आहार लेने में मदद मिलेगी, जिससे वे अपने स्वास्थ्य का बेहतर ध्यान रख सकेंगी।
तारामती ने बताया कि उनके परिवार में पांच सदस्य हैं और सभी परिवारजन उनके स्वास्थ्य को लेकर सजग हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना से गर्भवती महिलाओं को सकारात्मक सहयोग मिलता है और पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में पहले भी इस योजना का लाभ मिल चुका है, जिससे योजना के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हुआ है। तारामती ने शासन की इस पहल के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर पौष्टिक आहार एवं देखभाल उपलब्ध कराने से माँ और शिशु दोनों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है। सुशासन तिहार के शिविर में इस प्रकार की सेवाएं ग्रामीण महिलाओं के लिए काफी लाभकारी साबित हो रही हैं।
