मोहला : सोमनाथ स्वाभिमान पर्व —सोमनाथ मंदिर पर बाहरी आक्रांताओं के हमलों के बाद भी मंदिर की आस्था और परंपरा रही बरकरार- शाह
– 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य हुआ था पूर्ण
– जनप्रतिनिधियों ने शिवनाथ नदी तट स्थित शिवलिंग की विधि-विधान से की पूजा-अर्चना
– बिहरीकला के शिवनाथ नदी तट से वर्चुअल माध्यम से सीधे जुड़े ग्रामवासी
मोहला । मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के चौकी विकासखंड अंतर्गत ग्राम बिहरीकला स्थित शिवनाथ नदी तट पर “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व संसदीय सचिव छत्तीसगढ़ शासन संजीव शाह, जनपद अध्यक्ष पुनऊ राम फुलकावरे, नगर पंचायत अंबागढ़ चौकी अध्यक्ष अनिल मानिकपुरी, उपाध्यक्ष पवन गुप्ता, जनपद उपाध्यक्ष शंकर तिवारी, जनप्रतिनिधि दिलीप वर्मा, गुलाब गोस्वामी, आशीष द्विवेदी, राजू गुजराती, सारस्वत, जिला पंचायत सभापति नेहरू रजक, समस्त पार्षदगण तथा उद्घोषक मुकेश कुमार शुक्ला सहित बड़ी संख्या में जनसामान्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने शिव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं ने गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर से वर्चुअल माध्यम से जुड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पूजा-अर्चना का अवलोकन किया तथा उनका संबोधन सुना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में सोमनाथ मंदिर के स्वर्णिम इतिहास, विदेशी आक्रांताओं द्वारा किए गए हमलों, मंदिर के पुनर्निर्माण की यात्रा तथा वर्तमान सरकार द्वारा आस्था के केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु किए जा रहे प्रयासों सहित विभिन्न विषयों पर देशवासियों से अपने विचार साझा किए।
जिला स्तरीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संजीव शाह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ था और इसी ऐतिहासिक अवसर को देशभर में स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार बाहरी आक्रांताओं द्वारा हमले किए गए, लेकिन मंदिर की आस्था और परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि प्रथम आक्रमण के दौरान मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मंदिर नहीं छोड़ा तथा अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका त्याग आज भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
कार्यक्रम में कलेक्टर तुलिका प्रजापति, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भारती चंद्राकर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाय. पी सिंह सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।



