राजनांदगांव , पार्रीनाला के बिजली सब स्टेशन में 132 केवीए का कंट्रोल केबल क्षतिग्रस्त हो गया। इस कारण शहर के सभी 10 सब-स्टेशनों में सप्लाई ठप हो गई। दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक 4 घंटे बिजली गुल होने के कारण शहर के लोग भीषण उमस भरी गर्मी से हलाकान रहे। बिजली आधारित कामकाज और ग्राहकी प्रभावित रही। शिकायती नंबरों पर फोन रिसीव नहीं हो पाने के कारण लोगों में आक्रोश रहा।
बिजली गुल होने का सही कारण और सप्लाई कब तक शुरू होगी इसकी जानकारी उपभोक्ताओं को नहीं मिली। मरम्मत के लिए भिलाई के भी इंजीनियरों को बुलाया गया था। इस सीजन में पहली बार ऐसा हुआ कि इतने लंबे समय तक बिजली बंद रही।
भीषण उमस भरी गर्मी में एसी, कूलर्स और पंखों का उपयोग बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इस कारण शहर में बिजली की खपत और लोड 35 मेगावाट से ज्यादा पहुंच गया। पार्रीनाला के सब स्टेशन में अचानक 132 केवीए केबल जलने का प्रमुख कारण भी इसे ही बताया गया। मरम्मत के िलए अमला कम, सैकड़ों शिकायतें वर्तमान में शहरी क्षेत्र के 3 जोन के 10 सब-स्टेशनों में रोज बिजली संबधित 100 शिकायतें पहुंच रही है।
मरम्मत की जिम्मेदारी महज 30 कर्मियों पर रहती है। शहरी क्षेत्र में 62 हजार उपभोक्ता, बिजली गुल की समस्या से परेशान है। कर्मचारियों की संख्या कम होने से एक शिकायत निपटा कर दूसरी शिकायत का समाधान करने में समय ज्यादा लग रहा है। जून की आंधी बारिश से पहले आए दिन बिजली गुल व अन्य शिकायतें हैं।
बिजली कंपनी का सुधार अमला करीब 3 घंटे मरम्मत में जुटा रहा। इसके बाद सप्लाई शुरू हो सकी। बिजली कंपनी के अफसर भले इसे हादसा बता रहे हैं। लेकिन बिजली गुल की समस्या से राहत देने कंपनी ने अप्रैल में मेंटनेंस किया था। शहर डिवीजन के ईई कौशलेन्द्र पांडे ने बताया पार्रीनाला सब स्टेशन में 132 केवी कंट्रोल केबल जलने से शहर आने वाली सभी 33 केवी लाइन से सप्लाई प्रभावित रही।
पारीनाला 132 पार्रीनाला उपकेंद्र में तकनीकी खराबी को सुधार करने का काम तीन घंटे चला। उपकेंद्र के मुख्य पैनल का केबल जलने से दोपहर लगभग 3:30 बजे से आधे शहर की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। घटना की सूचना मिलते ही बिजली कंपनी के अफसरों व इंजीनियरों की टीम प्रभावित क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को दोबारा शुरू करने सुधार कार्य में जुटी रही। इधर घरों में बच्चे, बुजुर्ग परेशान रहे।
