राजनांदगांव , मोहारा धान खरीदी केंद्र में फर्जी धान उठाव के मामले में नया मोड़ आया है। उप आयुक्त सहकारिता कार्यालय राजनांदगांव ने कलेक्टर को पत्र लिखा है। पत्र में नामजद आरोपी वेदप्रकाश साहू के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने का निवेदन किया गया है। विभाग की जांच और रिकॉर्ड में बताया गया है कि जिस समय मोहारा केंद्र में गड़बड़ी हुई, उस समय वेदप्रकाश साहू वहां पदस्थ नहीं थे। उस अवधि में वे दूसरी समिति में प्रभारी प्रबंधक कसारी के रूप में काम कर रहे थे।
रिकॉर्ड के मुताबिक वेदप्रकाश साहू मूल रूप से सेवा सहकारी समिति मर्यादित रूवांतला में सहायक लिपिक सह कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर पदस्थ थे। धान खरीदी काम के संचालन के लिए उनका अस्थाई स्थानांतरण सेवा सहकारी समिति मर्यादित मोहारा में किया गया था। धान खरीदी पूरी होने के बाद 5 फरवरी को साहू ने मोहारा उपार्जन केंद्र से कार्यमुक्त करने के लिए अधिकृत अधिकारी और समिति प्रबंधक को आवेदन दिया।
अगले दिन 6 फरवरी को रूवांतला समिति के प्रबंधक ने धान खरीदी वर्ष 2025-26 के पश्चात उनकी पुनः कार्यालय में उपस्थिति का प्रतिवेदन पत्र जारी किया। इसके बाद सोसायटियों की पुनर्गठन योजना में रूवांतला समिति का पुनर्गठन हुआ। नई समिति कसारी बनी। इस समिति में 16 फरवरी को साहू को लिपिक सह कंप्यूटर ऑपरेटर से प्रमोट कर संस्था प्रभारी के पद पर पदस्थ किया गया।
