कोलकाता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी के एक पारिवारिक सदस्य और लीप्स एंड बाउंड्स कंपनी से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। अदालत ने कोलकाता नगर निगम (केएमसी) को आदेश दिया कि वह भवन निर्माण की वैधता से जुड़े मामले में नए सिरे से स्पष्ट नोटिस जारी करे।
यह मामला कोलकाता के कालीघाट इलाके में स्थित एक भवन से जुड़ा है, जहां अभिषेक बनर्जी रहते थे। अभिषेक बनर्जी के परिजन अमित बनर्जी और लीप्स एंड बाउंड्स कंपनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर केएमसी द्वारा जारी कारण बताओ (शोकॉज) नोटिस को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि निगम द्वारा भेजे गए नोटिस अधूरे थे और उनमें यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि भवन के कौन-से हिस्से नियमों के अनुरूप नहीं हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान अवकाशकालीन पीठ की न्यायाधीश Smita Das De ने माना कि नोटिस में आवश्यक जानकारी का अभाव है। इसके बाद अदालत ने केएमसी को निर्देश दिया कि वह एक सप्ताह के भीतर स्पीड पोस्ट के माध्यम से नए नोटिस भेजे और उसमें स्पष्ट रूप से बताए कि भवन के कौन-से हिस्से कानून और भवन नियमों के अनुरूप नहीं हैं।
अदालत ने अमित बनर्जी और लीप्स एंड बाउंड्स कंपनी को भी निर्देश दिया कि नए नोटिस मिलने के बाद वे तीन सप्ताह के भीतर अपना पक्ष केएमसी के सामने रखें।
उल्लेखनीय है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक अन्य मामले में दावा किया था कि अभिषेक बनर्जी लीप्स एंड बाउंड्स कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं। हालांकि वर्तमान मामला केवल भवन निर्माण की वैधता से संबंधित है।
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि चार सप्ताह बाद यह मामला नियमित पीठ के समक्ष दोबारा सुनवाई के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। तब तक केएमसी और संबंधित पक्षों को अदालत के निर्देशों का पालन करना होगा।
