राजनांदगांव | बसंतपुर क्षेत्र में कोड़ी खाना भूमि को शासकीय और सार्वजनिक हित में मुक्त कराने की मांग पर धरना-प्रदर्शन जारी है। कोड़ी खाना भूमि मुक्ति करण आंदोलन के तीसरे चरण में सोमवार को बसंतपुर के सैकड़ों लोगों ने धरना प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई। आंदोलनकारियों ने कहा कि कुष्ठ रोग उन्मूलन के बाद इस बेशकीमती जमीन का उपयोग क्षेत्र विकास, खेल मैदान, पार्क या दूसरे जनोपयोगी कामों के लिए आरक्षित किया जाए।
धरना स्थल पर आंदोलन के प्रणेताओं ने बताया कि कोड़ी खाना की यह भूमि करीब 99 वर्षों के लिए एक अमेरिकी मिशनरी संस्था को लीज पर दी गई थी। कुष्ठ रोग उन्मूलन के बाद लेप्रोसी अस्पताल पूरी तरह बंद हो चुका है। वहां पहले रहने वाले परिवारों का पुनर्वास प्रशासन ने आशा नगर में कर दिया है।
आंदोलनकारियों ने कहा कि अब इस भूमि की मूल जरूरत खत्म हो चुकी है। नियम के मुताबिक जमीन को वापस शासन के अधीन लेकर जनहित में उपयोग होना चाहिए। लोगों के हाथों में मांगों से जुड़ी तख्तियां और बैनर थे। इस दौरान सुनील सेन और पूर्व पार्षद दीपक यादव ने बताया नायब तहसीलदार धरना स्थल पहुंचे। आंदोलनकारियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मांग लोगों ने रखी कि कोड़ी खाना भूमि बसंतपुर वासियों के लिए आरक्षित की जाए। भूमि से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
