खनिज संपदा के अवैध दोहन पर प्रशासन सख्त, खान एवं खनिज अधिनियम के तहत कार्रवाई प्रस्तावित
एमसीबी / मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में खनिज संसाधनों के संरक्षण तथा अवैध उत्खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन एवं खनिज विभाग लगातार सक्रिय निगरानी बनाए हुए हैं। इसी क्रम में ग्राम पंचायत पैनारी क्षेत्र में अवैध खनन संबंधी प्रकाशित समाचार को गंभीरता से लेते हुए खनिज विभाग द्वारा त्वरित जांच कर मामले की पुष्टि की गई है।
जानकारी के अनुसार, 09 जून 2026 को नई दुनिया समाचार पत्र में प्रकाशित अवैध खनन संबंधी खबर के आधार पर खनिज विभाग की टीम ने 12 जून 2026 को संबंधित स्थल का औचक निरीक्षण एवं विस्तृत जांच की। जांच के दौरान टीम ने मौके पर उपलब्ध तथ्यों, भौतिक साक्ष्यों तथा स्थल की स्थिति का परीक्षण किया। निरीक्षण में यह पाया गया कि ग्राम पंचायत पैनारी क्षेत्र में मनोज शर्मा, निवासी पटेलपारा, देवाड़ाड द्वारा मजदूरों के माध्यम से पत्थर बोल्डर का उत्खनन कराया जा रहा था। जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर विभाग ने मामले को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित प्रकरण में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। प्रकरण का परीक्षण नियमानुसार किया जा रहा है तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और खनिजों के अवैध भंडारण पर नियंत्रण के लिए नियमित रूप से निरीक्षण अभियान संचालित किए जा रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी की जा रही है ताकि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ राजस्व हानि को भी रोका जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि खनिज संपदा सार्वजनिक संपत्ति है और इसके अवैध दोहन को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अवैध खनन गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अवैध खनन संबंधी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
