राजनांदगांव , जिले में रेत का अवैध खनन प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। लगातार कार्रवाई के बाद भी खनन से जुड़े लोग पीछे नहीं हट रहे हैं। जिला प्रशासन ने दर्जनों गाड़ियों पर कार्रवाई की है। इसके बाद भी अंबागढ़ चौकी से लेकर राजनांदगांव ब्लाक तक 10 अधिक जगहों पर खनन जारी है।
जिले में 5 रेत खदानों के लिए लीज स्वीकृत कर टेंडर किया गया। लेकिन ठेकेदारों को पर्यावरण की एनओसी अब तक नहीं मिल सकी है। वैध खदान इस सीजन में शुरु ही नहीं हो सके। इसका फायदा माफिया उठा रहे हैं। शिवनाथ नदी में रातापायली, पारागांव, जामरी, मुड़पार, आसरा, शिकारी टोला, साल्हे मनेरी हिस्से में बेधड़क रेत खनन हो रहा है। मशीनों से रेत निकाल कर ट्रैक्टरों से परिवहन भी हो रहा। रेत को गांव के आसपास ही डंप किया जा रहा है। खनन से जुड़े लोगों का दबाव ऐसा है कि ग्रामीण इसकी शिकायत करने से तक डर रहे हैं। इस संबंध में माइनिंग अफसर भरत बंजारे ने बताया कि विभाग के द्वारा लगातार कार्रवाई जारी है।
कातुलवाही में सैकड़ों ट्रिप रेत निकाली, कार्रवाई नहीं अवैध रेत खनन से जुड़े लोग पूरे हिस्से में दबाव बनाकर भी रखते हैं। अंबागढ़ चौकी के कातुलवाही में नदी से सैकड़ों ट्रिप रेत बगैर किसी परमिशन की निकाल ली गई। लेकिन प्रशासन ने यहां कार्रवाई की हिम्मत तक नहीं दिखाई। वहीं ग्रामीणों पर भी शिकायत नहीं करने का दबाव बनाया गया। बगैर किसी परमिशन से दबाव के दम पर यहां रेत खनन का अवैध खेल जारी रहा।
देर रात खनन का खेल सुबह तक हटा रहे मशीन स्थानीय लोगों की माने तो इन जगहों पर रात में रेत खनन का खेल शुरु होता है। रात 10 बजे के बाद बेधड़क मशीनों की मदद से नदी से रेत निकाली जा रही है। तब माइनिंग की टीम भी यहां नहीं पहुंच पाती। सुबह होते तक मशीनें और गाड़ियां हटा ली जाती है। प्रशासनिक टीम ने कई जगहों पर खनन के लिए रैंप भी तोड़े थे। लेकिन कार्रवाई के कुछ समय बाद खेल दोबारा शुरू हो गया है।
