राजनांदगांव , मानसून के मजबूत होने के बाद मैदानी इलाकों में जारी बारिश जलाशयों के कैचमेंट एरिया में उम्मीद से कमजोर है। यही वजह है कि बीते दिनों हुई बारिश के बाद भी मोंगरा बराज सिर्फ 12 फीसदी ही भर सका है।
आमतौर पर हर साल शुरुआती बारिश कैचमेंट एरिया में बेहतर रहती है। जिसकी वजह से जलाशयों में जलभराव तेज होता है। लेकिन इस बार कैचमेंट एरिया में बारिश बीते सालों की तुलना में कमजोर है। यही स्थिति जिले के खातूटोला बैराज, मटियामोती जलाशय, ढारा जलाशय, रुसे जलाशय और दूसरे जलाशयों में भी है।
इन जलाशयों के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश की जरूरत है। जिसके बाद ही यहां जलभराव बेहतर हो सकेगा। बता दें कि मोंगरा के अलावा सभी प्रमुख जलाशयों में भी 10 फीसदी से कम पानी मौजूद है। इन्हीं जलाशयों के भरोसे खरीफ सीजन मेंे िंसंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। इधर जिले में दो दिनों से बारिश थमी हुई है। अलग-अलग हिस्से में हल्की बारिश ही दर्ज की गई है।
खंड वर्षा के बनेंगे हालात मौसम विभाग के मुताबिक मानसूनी द्रोणिका अब भी मजबूत स्थिति में हैं। इससे अगले दो से तीन दिन जिलेभर में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। 15 जुलाई तक बारिश की गतिविधि बेहतर रहेगी। इसके बाद खंड वर्षा जैसी स्थिति निर्मित हो सकती है।
