कुएं से पानी ढोने की मजबूरी से घर-घर नल के सुखद सफर तक ...
एमसीबी/ एक समय था जब सुबह की पहली किरण के साथ फुलबाई जी की दिनचर्या पानी की तलाश से शुरू होती थी। घर के कामकाज से पहले सिर पर मटका उठाकर दूर स्थित कुएं तक जाना, लंबी कतार में अपनी बारी का इंतजार करना और फिर भारी बर्तनों में पानी भरकर घर लौटना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था। यह केवल पानी लाने की जिम्मेदारी नहीं थी, बल्कि हर दिन समय, श्रम और संघर्ष की एक लंबी कहानी थी।
आज वही फुलबाई जी मुस्कुराते हुए अपने घर के आंगन में लगे नल से बहते स्वच्छ पानी को देखकर कहती हैं-“अब लगता है कि हमारी जिंदगी सचमुच बदल गई है।“
विकासखंड भरतपुर की ग्राम पंचायत बरौता में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल से जल योजना ने ग्रामीणों के जीवन में ऐसा बदलाव लाया है, जिसने वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान कर दिया है। अब गांव के घरों तक नियमित रूप से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंच रहा है और ग्रामीणों का जीवन पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान, सुरक्षित और सम्मानजनक बन गया है।
फुलबाई जी बताती हैं कि पहले पानी लाने में प्रतिदिन कई घंटे लग जाते थे। गर्मी के दिनों में जलस्रोतों का जलस्तर घट जाने पर परेशानी और बढ़ जाती थी। कई बार दूर-दूर तक भटकने के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता था। पानी की इस चिंता के कारण घर के अन्य जरूरी काम प्रभावित होते थे और परिवार की महिलाओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था।
जल जीवन मिशन के तहत घर में नल कनेक्शन मिलने के बाद अब यह चिंता पूरी तरह समाप्त हो गई है। घर बैठे स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित पानी मिल रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी कम हुए हैं। अब फुलबाई जी अपने परिवार, बच्चों और अन्य घरेलू कार्यों को अधिक समय दे पा रही हैं। वे भावुक होकर कहती हैं, “पहले पानी लाने के लिए रोज कई चक्कर लगाने पड़ते थे। अब घर के नल से ही साफ पानी मिल जाता है। हमारी सबसे बड़ी परेशानी दूर हो गई है। यह सुविधा हमारे लिए किसी सपने के सच होने जैसी है।“
फुलबाई जी बताती हैं कि इस योजना का लाभ केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे गांव को मिला है। महिलाओं का कठिन परिश्रम कम हुआ है, बच्चों और बुजुर्गों को आसानी से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है तथा गांव में स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। ग्रामीणों के जीवन स्तर में आया यह परिवर्तन जल जीवन मिशन की सफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
वे इस जनकल्याणकारी योजना के लिए भारत के प्रधानमंत्री तथा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि सरकार ने ग्रामीण परिवारों की वर्षों पुरानी सबसे बड़ी आवश्यकता को पूरा किया है। आज गांव की महिलाएं पानी की चिंता से मुक्त होकर परिवार, बच्चों की शिक्षा और आजीविका से जुड़े कार्यों पर अधिक ध्यान दे पा रही हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिले में जल जीवन मिशन का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण विकास की नई इबारत लिख रहा है। यह योजना केवल हर घर तक नल कनेक्शन पहुंचाने की पहल नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, बेहतर स्वास्थ्य, समय की बचत, सामाजिक बदलाव और ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सुधार का सशक्त माध्यम बन चुकी है।
ग्राम बरौता की फुलबाई जी की कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि जब शासन की योजनाएं संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तब वे केवल सुविधाएं नहीं देती, बल्कि लोगों के जीवन में विश्वास, आत्मसम्मान और खुशहाली का नया अध्याय लिखती हैं। जल जीवन मिशन की हर बूंद आज ग्रामीण भारत के उज्ज्वल भविष्य की कहानी कह रही है।
