छुईखदान l ग्राम पंचायत देवरचा के आश्रित ग्राम झिरिया में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत छुईखदान जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में वृहद पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान के तहत तालाब, नालों व अन्य जल संरचनाओं के आसपास लगभग 500 पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की विशेषता ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही। ग्रामवासियों ने स्वयं श्रमदान करते हुए पौध रोपण किया तथा प्रत्येक पौधे की सुरक्षा, सिंचाई और नियमित देखभाल का सामूहिक संकल्प लिया।
जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पौधे लगाकर हरित और स्वच्छ ग्राम निर्माण का संदेश दिया। सीईओ ने कहा कि पौध रोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। पौधे तभी सार्थक होंगे जब उनका संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का आह्वान किया।
डोंगरगढ़| वन परिक्षेत्र दक्षिण बोरतलाव के फतेगंज बीट में शुक्रवार को एक पेड़ मां के नाम तहत पौध रोपण किया गया। जिसमें मुख्यरूप से जिला पंचायत सभापति स्थाई वन जल संसाधन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी प्रशांत कोड़ापे उपस्थित थे। कोड़ापे ने उपस्थित ग्राम विकास समिति व स्टाप को पौध रोपण के बाद पौधों का किस तरह संरक्षण किया जाए उस विषय के बारे में बताया।
इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज कांडे, वेदराम ताम्रकार, जिला सह संयोजक सोशल मिडिया भाजपा राजनांदगांव देवेन्द्र यादव उपस्थित थे। वन परिक्षेत्र अधिकारी अनुराग वर्मा ने कहा कि जो प्लांट पर पौधा लगाया जा रहा। उस पर औषधी जैसे हर्रा, बहेरा, नीम, भुईलिंग, तिखुर आदि जैसे पौधों का रोपण किया जा रहा है। इस अवसर पर दामू कोसलकर, रोशन खान, हरीश चौहान, अब्दुल समीर खान, गायत्री वर्मा सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
संरक्षण का दायित्व समाज के प्रत्येक नागरिक का है कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में पहल की गई। सामूहिक जनभागीदारी ने यह संदेश दिया कि प्रकृति के संरक्षण का दायित्व केवल शासन का नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का है। कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी, एडीईओ, तकनीकी सहायक, सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, पंचायत प्रतिनिधि व बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।