कोरबा: साइबर थाना पुलिस ने एक पीड़ित के 6 लाख रुपये सुरक्षित डेबिट फ्रीज कर लिए हैं। अब कानूनी प्रक्रिया पूरी कर यह राशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस दिलाने की कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार राहुल रात्रे नामक व्यक्ति ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो गया था। अज्ञात साइबर ठग ने झांसे में लेकर उससे 6 लाख रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए। घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही कोरबा साइबर थाना ने एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से संबंधित बैंक खातों में उपलब्ध राशि पर तत्काल डेबिट फ्रीज लगवा दिया। इससे ठगी गई रकम सुरक्षित हो गई और उसे निकाले जाने से बचा लिया गया।
पुलिस ने बताया कि अब आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सुरक्षित की गई राशि पीड़ित के खाते में वापस कराने की कार्रवाई जारी है। कोरबा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे फर्जी निवेश योजना, डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई फ्रॉड, ओटीपी फ्रॉड, केवाईसी अपडेट, लोन फ्रॉड, सोशल मीडिया धोखाधड़ी या किसी अन्य साइबर अपराध का शिकार होते हैं, तो बिना देरी किए हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत मिलने पर ठगी गई राशि को फ्रीज कर वापस दिलाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। एसपी ने यह भी कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर नहीं करें, और ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी, एटीएम या बैंक खाते की गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करें।
