महासमुंद : विकासखण्ड बागबाहरा के अंतर्गत उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें, डॉ. अंजना नायडू द्वारा बुधवार को विद्यादेवी गौशाला एवं टेमरी गौशाला का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर उप संचालक द्वारा वर्षा ऋतु में पशुओं के उचित रख-रखाव एवं गौशाला परिसर को सूखा रखने, पशुओं को गिले एवं पानी भरे गड्ढ़ों से बचाने हेतु आवश्यक सुझाव एवं दिशा-निर्देश गौशाला संचालक को दिया गया।
इस दौरान विद्यादेवी गौशाला अध्यक्ष गणेश अग्रवाल ने बताया कि गौशाला में वर्तमान में 345 गौवंशीय पशु रखे गए है। सभी पशुओं में संक्रामक बीमारी से बचाव हेतु टीकाकरण किया जा चुका है। गौशाला में 07 शेड निर्मित है जिसमें पशुओं को रखा जा रहा है गौशाला में आने वाले 02 माह के चारा एवं दाने का भंडारण किया गया है।
इसी तरह ग्राम टेमरी के हर्ष सेवा समिति द्वारा संचालित गौशाला संचालक गुरबक्श सिंह गांधी ने बताया कि गौशाला में 03 शेड निर्मित है जिसकी क्षमता 300 पशु रखने की है, वर्तमान में गौशाला में 250 गौवंशीय पशु रखे गए है। सभी पशुओं में संक्रामक रोग से बचाव हेतु टीकाकरण किया गया जा चुका है। गौशाला में 02 एकड में बारहमासी घास बरसीम लगाया गया है एवं 02 एकड़ नए जमीन तैयार कर नेपीयर प्लांटटेशन किया गया है।
उप संचालक डॉ. नायडू द्वारा टेमरी गौशाला को भविष्य में प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में विकसित करने हेतु गौशाला संचालक से चर्चा की गई। जिले के पशुपालकों को चारा विकास कार्यक्रम से जोड़ने हेतु गौशाला का भ्रमण कराया जाकर चारा संरक्षण हेतु साईलेज बनाने की विधि का प्रशिक्षण देने एवं पशुओं को हरा चारा खिलाने से होने वाले लाभ से अवगत कराया जाएगा।