बस्तर । बस्तर संभाग में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने का असर अब अपराध के आंकड़ों में भी नजर आने लगा है। नक्सल हिंसा में कमी के साथ ही हत्या जैसे गंभीर अपराधों में भी कई जिलों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। बदलते आंकड़े क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सुरक्षा माहौल में सुधार का संकेत दे रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार बीजापुर जिले में हत्या के मामले 49 से घटकर 33 रह गए हैं। वहीं सुकमा में हत्या की घटनाएं 33 से कम होकर 16 तक पहुंच गई हैं। कांकेर में भी मामलों की संख्या 30 से घटकर 19 हो गई, जबकि नारायणपुर में हत्या के प्रकरण 15 से घटकर 9 रह गए हैं।
कोंडागांव जिले में लगातार दूसरे वर्ष हत्या के मामले 13 पर स्थिर बने हुए हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा बलों की बढ़ती मौजूदगी, नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के विस्तार का असर अपराध दर में कमी के रूप में दिखाई दे रहा है।
प्रशासन का कहना है कि बस्तर में शांति और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति काम कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है और वे अब विकास योजनाओं से भी तेजी से जुड़ रहे हैं।
हालांकि, अधिकारियों के सामने कानून व्यवस्था बनाए रखने और शेष नक्सल प्रभाव वाले क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने की चुनौती अभी भी बनी हुई है। बावजूद इसके अपराध के गिरते आंकड़े बस्तर में बदलते हालात और नई उम्मीद की तस्वीर पेश कर रहे हैं।