राजनांदगांव , दुर्ग की संभाग स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में राजनांदगांव की संस्कारधानी तीरंदाजी संघ जंगलपुर आर्चरी अकादमी के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विभिन्न आयु वर्गों की इंडियन राउंड और रिकर्व राउंड स्पर्धाओं में स्वर्ण, रजत और अन्य शीर्ष स्थान हासिल किए। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि ने जिले के खेल जगत को नई पहचान दिलाने सहित अकादमी में उत्साह का माहौल बना दिया है। जिले के अन्य खेल संघों के पदाधिकारी सदस्यों ने इन खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की।
प्रतियोगिता के 14 वर्ष बालक वर्ग में खोमेंद्र साहू ने रिकर्व राउंड में प्रथम और यश उके ने इंडियन राउंड में चौथा स्थान प्राप्त किया। 17 वर्ष बालक वर्ग में सुमित यादव ने इंडियन राउंड में पहला और नमन साहू ने तीसरा स्थान हासिल किया। 17 वर्ष बालिका वर्ग में तिथि चौबे प्रथम, उत्सवी साहू रिकर्व राउंड में द्वितीय तथा वैष्णवी साहू चौथे स्थान पर रहीं।
19 वर्ष वर्ग में भी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर पदकों की झड़ी लगा दी। बालक वर्ग में गोपेश साहू, तनुष साहू ने अपने-अपने वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। जयेश साहू दूसरे, अनुराग साहू तीसरे और निखिल साहू चौथे स्थान पर रहे। बालिका वर्ग में नीलम सिन्हा और कुमकुम साहू ने प्रथम, सेवती साहू एवं तृप्ति साहू ने द्वितीय तथा योगिता साहू ने तृतीय स्थान हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया।
प्रशिक्षकों की मेहनत बनी सफलता की मजबूत नींव प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का श्रेय मुख्य प्रशिक्षक राहुल साहू और भूपेंद्र सिन्हा के निरंतर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और अनुशासित अभ्यास को दिया गया। अकादमी के वरिष्ठ खिलाड़ी निखिल और अर्जुन ने भी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने और अभ्यास में सहयोग देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जनपद उपाध्यक्ष मनीष साहू, जंगलपुर सरपंच भूपेंद्र साहू, राजेश सिन्हा सहित अकादमी परिवार और खिलाड़ियों के पालकों ने विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
गांवों की प्रतिभाओं को तीरंदाजी से मिल रहा मंच अभ्यास, सही तकनीक और व्यक्तिगत मार्गदर्शन का परिणाम रहा कि अकादमी के खिलाड़ियों ने अधिकांश वर्गों में शीर्ष स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। जंगलपुर आर्चरी अकादमी लगातार ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। सीमित संसाधनों के बावजूद खिलाड़ी लगातार संभागीय स्तर पर सफलता हासिल कर रहे हैं। इससे जिले के अन्य बच्चों में तीरंदाजी के प्रति रुचि बढ़ रही है भविष्य में राज्य व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की नई पौध तैयार होने की उम्मीद मजबूत हुई है।
