राजनांदगांव , बख्शी स्कूल में बनी जिले की पहली और प्रदेश की दूसरी साइंस स्पेस लैब में स्कूली बच्चे अंतरिक्ष को करीब से देख पाएंगे। यहां बच्चों को थ्रीडी चित्रकारी और एनिमेशन के जरिए सूर्य, चंद्रमा, पृथ्वी, अन्य प्लेनेट्स और अंतरिक्ष की जानकारी दी जाएगी। भारत सहित विश्व के अन्य देशों ने चंद्रमा और मंगल ग्रह में किस तरह से यान भेजे गए हैं।
वैज्ञानिकों ने वहां क्या खोज की। कौन से ग्रह में ऑक्सीजन सहित अन्य गैस, पानी और जीवन की संभावना है या नहीं, अंतरिक्ष में बने स्टेशन की जानकारी देंगे। शिक्षा विभाग ने बख्शी स्कूल में एक आधुनिक और प्रायोगिक लैब बनाई है। यहां हर शनिवार बच्चों को स्पेस लैब में चंद्रयान, मंगल यान, अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे यान के मॉडल से अंतरिक्ष के बारे में पढ़ाया जाता है। बच्चों को सौर मंडल और उपग्रह, रॉकेट्री, ड्रोन और रोबोट बनाने की जानकारी दे रहे हैं।
स्पेस यान, ड्रोन, रोबोटिक्स तकनीक सीख रहे बच्चे बख्शी स्कूल की कक्षा 7वीं की छात्रा खुशी वर्मा ने बताया उनका ड्रोन सेगमेंट है। ड्रोन कैसे बना सकते हैं इसे कैसे उड़ाया जाता है। थ्रीडी प्रिंटर, सेटेलाइट की जानकारी मिल रही है उसके पार्ट्स, उपयोग, बच्चे ड्रोन और रोबोटिक्स तकनीक सीख रहे हैं। उन्हें साइंस और स्पेस के बारे में अंग्रेजी और हिन्दी में मॉडल बना कर उसे शब्दों के माध्यम से प्रेजेंट करना सिखाया जा रहा है। कविता सोनकर ने बताया कि स्पेस लैब में मॉडल बनाना सिखाया जा रहा है।
स्पेस साइंस, टैक्नोलॉजी से छात्रों को जोड़ना है उद्देश्य स्पेस लैब के प्रभारी हर्षवीर वैष्णव ने बताया बच्चों को स्पेस साइंस से जोड़ रहे हैं। ड्रोन बनाना थ्रीडी प्रिंटर से प्रिंट निकाला जाता है। बच्चों को साइंस और टैक्नोलॉजी से जोड़ना उद्देश्य है। अभी 6वीं से 8वीं के बच्चों को सीखा रहे हैं। अब बड़ी कक्षाओं के बच्चों को इसकी जानकारी देंगे। इस लैब के कुछ मॉडल और उसमें लगे उपकरण देश के कई महानगरों से मंगाया गया है। यहां कम्प्यूटर, प्रिंटर्स, टीवी स्क्रीन, टैलीस्कोप, ड्रोन की चित्रकारी की गई है।
