राजनांदगांव , बिजली कंपनी ने एक अगस्त से प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू होने की सूचना को अफवाह और भ्रामक बताया है। सोशल मीडिया में इस तरह की अफवाहे वायरल हो रही है। बिजली कंपनी ने नकारा है। अफसरों ने बताया स्मार्ट मीटर से बिल नहीं बढ़ता, बल्कि वास्तविक खपत पर सटीक बिलिंग होती है।
कंपनी के अनुसार स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को रीयल टाइम बिजली खपत, ओवरलोड अलर्ट, सोलर नेट मीटरिंग और ऊर्जा बचत जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर 1 अगस्त से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू होने की खबर को पूरी तरह भ्रामक बताया है।
राजनांदगांव क्षेत्र के चार जिलों में स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान जारी है। अब तक राजनांदगांव में 205187, कबीरधाम में 112303, केसीजी में 81088, एमएमसी जिले में 59064 स्मार्ट मीटर लगे है। चारों जिलों में कुल 4,57,642 स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है।
कंपनी के अनुसार स्मार्ट मीटर हर 30 मिनट में बिजली खपत दर्ज करता है। मोर बिजली ऐप से अपनी खपत देख जरूरत अनुसार बिजली उपयोग नियंत्रित कर सकते हैं। निर्धारित लोड से ज्यादा उपयोग पर मीटर अलर्ट देता है। वायरल हो रहे 1 अगस्त से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू होने का दावा पूरी तरह गलत है।
ये व्यवस्था केवल सरकारी विभागों के लिए प्रस्तावित फिलहाल प्रीपेड व्यवस्था केवल सरकारी विभागों के बिजली कनेक्शनों के लिए प्रस्तावित है। घरेलू, व्यावसायिक एवं अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए ऐसी कोई व्यवस्था लागू नहीं की जा रही है। बिजली उपभोक्ता जून में बिजली की ज्यादा खपत होने के कारण जुलाई में आने वाले बिजली से परेशान है। वहीं एक जुलाई से बिजली की कीमत बढ़ने और नई दरें लागू होने से उपभोक्ताओं को अगस्त में भी ज्यादा बिल भुगतान करना पड़ सकता है। वर्तमान में रोज 100 से ज्यादा शिकायतें कार्यालय में पहुंच रही है।
