बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन एरिया से जिले में भारी बारिश हो रही हैं। बुधवार दोपहर जिले में अति भारी बारिश की स्थिति बनी। 24 घंटे में 138 मिमी. बारिश दर्ज की गई है। इससे शिवनाथ उफान पर आ गया है। वहीं शहर की सड़कें भी नालों में तब्दील हो गई।
जिलेभर में बीते 24 घंटे से रुक-रुककर मध्यम से तेज बारिश जारी रही। बुधवार दोपहर बाद सिस्टम और मजबूत हुआ। इससे लगातार तीन घंटे मूसलाधार बारिश हुई। शहर के कई बस्तियों में पानी घुस गया। सड़कें भी जलमग्न हो गई। जिला हास्पिटल परिसर पूरी तरह पानी में डूब गया। जिससे आवाजाही भी थमी रहीं। नगर निगम की टीम ने देर शाम पानी निकासी का काम भी शुरु किया। इधर मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे भी तेज बारिश की संभावना जताई है। दुर्ग संभाग के जिलों को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है।
जुलाई में पहली बारिश 24 घंटे में इतनी तेज बारिश दर्ज हुई है। तेज बारिश के दौरान सबसे अधिक समस्या लखोली राहुल नगर के लोगों को हो रही हैं। यहां अधिक बारिश होते ही पानी सड़क पर जमा हो रहा है। यहां भी घुटने तक पानी गलियों में जमा रहा। कई घरों में पानी भी घुस गया। जिससे रात तक वार्डवासी परेशान रहें। तीन घंटे हुई तेज बारिश से जिला अस्पताल परिसर पूरी तरह डूब गया। यहां घुटने तक पानी भर गया। इससे मरीजों को लेकर आने -जाने वाले वाहनों को भी काफी परेशानी हुई। अस्पताल के भीतर भी पानी चला गया। ड्रेनेज में सुधार का दावा भी फेल हो गया।
तेज बारिश के दौरान कलेक्टोरेट परिसर के सामने की सड़क ही जलमग्न हो गई। यहां से अफसरों के वाहन ही जूझते हुए पार होते रहें। आम लोग भी परेशान दिखें। नाला जाम और पूरी तरह कवर होने की वजह से पानी का जमाव सतह पर ही होता रहा।
पूरे सीजन का 50 फीसदी कोटा पूरा जिले के पूरे सीजन की औसत बारिश का 50 फीसदी कोटा 29 जुलाई की स्थिति में ही पूरा हो गया है। यह स्थिति बुधवार को हुई 138 मिमी. बारिश के बाद बनी हैं। जिले में पूरे मानसून सीजन में औसत 1038 मिमी. बारिश होती है। बुधवार शाम तक जिले में 552 मिमी. औसत बारिश दर्ज की गई।
