राजनांदगांव : पोषण पुनर्वास केंद्र ने लौटाई बच्चों की मुस्कान - डोंगरगढ़ एनआरसी में उपचार से 84 में से 71 गंभीर कुपोषित बच्चे हुए स्वस्थ
राजनांदगांव । जिले में कुपोषण उन्मूलन की दिशा में जिला प्रशासन के निरंतर प्रयास सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त प्रयासों से विकासखंड डोंगरगढ़ स्थित शासकीय अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों का प्रभावी उपचार किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब तक भर्ती किए गए 84 गंभीर कुपोषित बच्चों में से 71 बच्चे पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। एनआरसी में बच्चों को निर्धारित अवधि तक विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में रखा गया। इस दौरान उन्हें संतुलित एवं पौष्टिक आहार, आवश्यक दवाइयां, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण तथा समुचित देखभाल उपलब्ध कराई गई। उपचार के परिणामस्वरूप बच्चों के वजन और स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। बच्चों को स्वस्थ होने के बाद उनके परिजनों के साथ घर भेजते समय उन्हें घर पर बच्चों के पोषण, स्वच्छता, स्तनपान एवं पूरक आहार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई, ताकि बच्चे दोबारा कुपोषण की स्थिति में न पहुंचें।
एनआरसी से डिस्चार्ज होने के बाद भी इन बच्चों की नियमित निगरानी की व्यवस्था की गई है। स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले को बच्चों के वजन, स्वास्थ्य और पोषण स्तर पर सतत नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विकासखंड डोंगरगढ़ में कुपोषण उन्मूलन के लिए अभियान निरंतर जारी रहेगा। चिन्हित गंभीर कुपोषित बच्चों को समय पर पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कर उपचार एवं पोषण संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि प्रत्येक बच्चा स्वस्थ, सुपोषित और बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर हो सके।

