राजनांदगांव , समर्थन मूल्य पर धान बेचने अब परिवार के मुखिया के साथ जमीन के सभी हिस्सेदारों का एग्री स्टेक पोर्टल में पंजीयन जरूरी कर दिया गया है। एक किसान-एक आईडी व्यवस्था लागू की गई है। इसमें अधिया, खरीदी-बिक्री का पूरा रिकार्ड ऑनलाइन होगा। लेकिन इसमें कई तरह की तकनीकी समस्या सामने आ रही है। कई परिवारों में सहमति नहीं बन पा रही तो कई परिवारों में महिला किसानों के पास मोबाइल नहीं है। रिकार्ड दर्ज करने उनके मोबाइल पर आने वाली ओटीपी बतानी होती है।
खरीफ सीजन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने, किसान सम्मान निधि लेने सहित कृषि योजनाओं का लाभ लेने एग्री-स्टेक पोर्टल में बदलाव किया गया है। केवल खसरे के मुखिया नहीं, बल्कि ऋण पुस्तिका में दर्ज सभी हिस्सेदारों का एग्री स्टेक में पंजीयन जरुरी है। पंजीयन नहीं होने पर किसान धान बेचने और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकते हैं। पहले केवल मुखिया का पंजीयन पर्याप्त होता था, लेकिन नई व्यवस्था में सभी हिस्सेदारों का पंजीयन अनिवार्य होगा।
किसानों का पंजीयन करने कृषि विभाग के साथ राजस्व विभाग और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां भी प्रक्रिया में शामिल है। जिन किसानों की जमीन में 10-15 हिस्सेदार हैं, उनके लिए प्रक्रिया जटिल है। पत्नी, बहन, बेटी, बहू या अन्य परिजनों के नाम हिस्सेदारी होने से सभी का पंजीयन कराना पड़ रहा है। सभी हिस्सेदारों के लिए आधार से लिंक मोबाइल नंबर जरूरी है।
