CG : सुकमा में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने मैराथन बैठक …
सुकमा ।/जिला पंचायत सुकमा के सभाकक्ष में शुक्रवार को सामान्य प्रशासन विभाग की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) मुकुंद ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में जिले के विकास कार्यों को गति देने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने पर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंगम्मा सोयम व उपाध्यक्ष महेश कुंजाम सहित अन्य जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों पर अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए सीईओ मुकुंद ठाकुर ने बताया कि जिले में लगभग 85 प्रतिशत आवासों का निर्माण सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है, जिसके तहत करीब 18 हजार 700 से अधिक पात्र हितग्राहियों को उनके सपनों का आशियाना मिल चुका है। वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए उन्होंने संवेदनशीलता के साथ निर्देश दिए कि बारिश के दौरान आवास निर्माण कार्यों में ग्रामीणों को कोई असुविधा न हो और जहाँ कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, वहाँ तुरंत सर्वे कराया जाए ताकि हर ग्रामीण को उसका हक मिल सके। इसके साथ ही श्प्रधानमंत्री आवास 2.0 योजनाश् के तहत दोहरे आवास का लाभ लेने वाले अपात्रों को चिन्हित कर सख्त कार्यवाही करने की बात भी कही गई।
स्वच्छ भारत मिशन और ग्रामीण आजीविका मिशन को लेकर प्रशासन ने बेहद कड़ा और प्रगतिशील रुख अपनाया। सीईओ ने निर्देशित किया कि आगामी 15 अगस्त तक केरलापाल में पंचायत कैफे और सामुदायिक शौचालयों को हर हाल में पूर्ण कर प्रारंभ कर दिया जाए। उन्होंने स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए स्थानीय बोलियों में लाउडस्पीकर के माध्यम से सघन प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया। वहीं महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लखपति दीदी योजना और इमली प्रोसेसिंग सेंटर की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि स्व-सहायता समूह की महिलाओं को बैंक लोन लेने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं आनी चाहिए और रीपा योजना के स्थान पर अब श्आशा योजनाश् के तहत मिशन मोड पर कार्य किया जाए।
प्रशासनिक कसावट और पारदर्शिता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सीईओ ठाकुर ने कड़ा रुख अपनाया। विभागीय जांच में लगातार अनुपस्थित रहने और कार्यों में लापरवाही बरतने वाले जनपद पंचायत सुकमा, कोण्टा व छिन्दगढ़ के 6 सचिवों (लक्ष्मी स्वामी कोर्राम, साई श्रीनिवास, गिरिश कश्यप, हिमाचलपुरी गोस्वामी, बुधराम बारसे और हाफिज खान) के निलंबन और विभागीय जांच की प्रक्रियाओं पर सख्त चर्चा की गई। इसके अलावा, मारोकी में 6 मीटर पुलिया निर्माण की धांधली की शिकायत पर तुरंत जांच के निर्देश दिए गए। विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन के तहत धान चबूतरा और बाउंड्रीवॉल जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों को आगामी 10 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण करने की समय-सीमा तय की गई, जो यह दर्शाता है कि सुकमा प्रशासन विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
