CG : भिलाई वासियों ने पं. रविशंकर शुक्ल और पं. विद्याचरण शुक्ल को दी श्रद्धांजलि …
भिलाई। अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और जननेता स्व. पंडित रविशंकर शुक्ल की जयंती पर रविवार को भिलाई के सेक्टर-9 स्थित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र परिसर में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्व. पंडित विद्याचरण शुक्ल को भी उनके जन्मदिवस पर याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
समारोह में कांग्रेस के विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री, भिलाई और दुर्ग के महापौर, जिला कांग्रेस पदाधिकारी, कांग्रेस सेवादल, कान्यकुब्ज सामाजिक चेतना मंच के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने दोनों नेताओं के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उनके योगदान को स्मरण किया।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी, पूर्व विधायक अरुण वोरा, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, भिलाई महापौर नीरज पाल, दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, पूर्व विधायक प्रतिभा चंद्राकर और शुक्ल परिवार की सदस्य माया रानी शुक्ल सहित अन्य वक्ताओं ने पंडित रविशंकर शुक्ल और पंडित विद्याचरण शुक्ल के व्यक्तित्व, राजनीतिक योगदान और प्रदेश के विकास में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि भिलाई ने पिछले 71 वर्षों में देश को इस्पात, शिक्षा, संस्कृति, खेल और औद्योगिक विकास की नई पहचान दी है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आज भिलाई इस्पात संयंत्र और शहर दोनों चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नागरिकों से भिलाई को बचाने और पंडित रविशंकर शुक्ल के सपनों को साकार रखने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र को प्रदेश की आर्थिक रीढ़ बताते हुए कहा कि इसकी रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन पं. रविशंकर शुक्ल सामाजिक एवं सांस्कृतिक समिति के सचिव मनोज मिश्रा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा ने किया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद जिला एवं ग्रामीण कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता “भिलाई बचाओ रैली” के लिए रायपुर रवाना हुए। समारोह में कांग्रेस पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों, श्रमिक नेताओं, वरिष्ठ पत्रकारों और बड़ी संख्या में इस्पात नगरी के नागरिकों की उपस्थिति रही।
