CG : फरसा-चापड़ लेकर खूनी संघर्ष करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार …
बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस ने चिंगराजपारा क्षेत्र में हथियारों के साथ मारपीट और दो गुटों के बीच हुए खूनी संघर्ष के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए महज चंद घंटों के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया फरसा और एक बुलेट मोटरसाइकिल भी जब्त की है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला थाना सरकंडा क्षेत्र के तालाब पार स्थित चिंगराजपारा के सूर्या चौक के पास 2 अगस्त 2026 की शाम का है। यहां दो गुटों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष हथियार लेकर आमने-सामने आ गए। इस दौरान फरसा और चापड़ जैसे धारदार हथियार लहराए गए, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और मामले की जांच शुरू की गई। प्रार्थी दीपक मार्के की शिकायत पर थाना सरकंडा में अपराध क्रमांक 1126/2026 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 115(2), 351(3), 118(1), 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) के मार्गदर्शन तथा सीएसपी सरकंडा के निर्देश पर थाना प्रभारी ने विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उमेश वर्मा उर्फ लिल्ले उर्फ राजा (28 वर्ष), निवासी सूर्या चौक, चिंगराजपारा, जग्गू दास मानिकपुरी (18 वर्ष), निवासी सूर्या चौक, चिंगराजपारा तथा संध्या सिंह ठाकुर (29 वर्ष), निवासी सूर्या चौक, चिंगराजपारा के रूप में हुई है। पुलिस ने पूछताछ के दौरान उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त फरसा तथा बुलेट मोटरसाइकिल जब्त कर ली।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और इसमें अन्य लोगों की भी संलिप्तता थी या नहीं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें। यदि किसी क्षेत्र में हथियारबंद गतिविधि, मारपीट या अन्य आपराधिक घटना की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
