राजनांदगांव , आपके घर में बिजली का कनेक्शन किसके नाम दर्ज है? क्या वही व्यक्ति अभी बिजली का इस्तेमाल कर रहा है? कनेक्शनधारक की मृत्यु हो चुकी है या किसी और के नाम से कनेक्शन चल रहा है?
अब बिजली कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज हर कनेक्शन का इसका जवाब होगा। 1 सितंबर से राजनांदगांव, मोहला- मानपुर- अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के 6.83 लाख बिजली कनेक्शनों का ई-केवाईसी आधारित डिजिटल सत्यापन शुरू होगा। इस प्रक्रिया में सिर्फ वैध कनेक्शनधारकों की पहचान ही नहीं होगी, बल्कि मृत व्यक्ति के नाम दर्ज कनेक्शन, वास्तविक उपयोगकर्ता से अलग नाम वाले कनेक्शन और अवैध कनेक्शनों की भी पहचान की जाएगी। बिजली कंपनी अपने रिकॉर्ड को अपडेट कर वास्तविक उपभोक्ताओं का प्रमाणिक डेटाबेस तैयार करेगी।
कई मामलों में उपभोक्ता की मृत्यु के बाद भी बिजली कनेक्शन रिकॉर्ड में उसी के नाम पर चलता रहता है। ई-केवाईसी में वर्तमान उपयोगकर्ता की पहचान सामने आने के बाद ऐसे कनेक्शनों के रिकॉर्ड को अपडेट किया जाएगा। जरूरत के अनुसार उपभोक्ता के नाम में परिवर्तन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
ई-केवाईसी की जिम्मेदारी मीटर रीडर्स को दी गई है। वे उपभोक्ता और कनेक्शन से संबंधित जानकारी का डिजिटल सत्यापन करेंगे। अधिकारियों द्वारा पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की जाएगी।
बिजली कंपनी के ईई गुरुदयाल सिंह फ्लोरा ने बताया कि उपभोक्ताओं को प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए बिजली कार्यालयों और एटीपी मशीनों पर हेल्प डेस्क भी बनाए जाएंगे। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से करना होगा।
उपभोक्ता तीन माध्यमों से कर सकेंगे ई-केवाइसी ऐसे विद्युत कनेक्शनों की भी पहचान करेंगे जिनका उपयोग अनधिकृत अथवा अवैध रूप से हो रहा है, या जिनमें उपभोक्ता की जानकारी अद्यतन नहीं है। इस तरह के उपभोक्ता को स्वयं बिजली कंपनी को सूचना देनी होगी। उपभोक्ता मोर बिजली मोबाइल एप से ऑनलाइन ई-केवाईसी कर सकते हैं। नजदीकी वितरण केंद्र, जोन कार्यालय में ई-केवाईसी करा सकते है। तीसरे विकल्प में मीटर रीडर उपभोक्ता के घरों में मोबाइल एप से ई-केवाईसी प्रक्रिया करेंगे।
