राजनांदगांव/ उपरवाह , कृषि विज्ञान केंद्र सुरगी राजनांदगांव के वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख (एसएसएच) ने मौसम आधारित विशेष कृषि सलाह दी है। वैज्ञानिकों ने बताया कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में घने बादल व मध्यम वर्षा की संभावना है। इसलिए किसान वर्षा के दौरान उर्वरक व कीटनाशक का छिड़काव न करें। वर्तमान में धान फसल कंसे निकलने की अवस्था में है। इस समय कृषि कार्य में यूरिया की दूसरी मात्रा 30 किग्रा. हेक्टेयर की दर से दें तथा खेत में लगभग 24 घंटे पानी रोकें।
प्रकोप दिखाई देने पर कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड 50 प्रतिशत डब्ल्यू पी 1 किग्रा. हे. या क्लोरेन्ट्रानिलीप्रो ल 150 मि.ली. हे. का 500 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। लाल केंचुआ, घासी कीट प्रकोप होने पर अनुशंसित कीटनाशक का उपयोग करें तथा खेत में अत्यधिक पानी व नमी से बचें। शीथ ब्लाइट के लक्षण दिखाई देने पर हेक्साकोनाजोल 1 ग्राम लीटर पानी की दर से छिड़काव करें। जीवाणु झुलसा होने पर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें। रोग की स्थिति में पोटाश 8-10 किग्रा हे. की दर से दें। खरपतवार नियंत्रण के लिए रोपाई के 20-25 दिन के अंदर आवश्यकता अनुसार बिसपायरिबेक सोडियम 200-250 ग्राम हे. का छिड़काव करें।
