राजनांदगांव , प्राथमिक स्तर पर मजबूत नींव आगे की शिक्षा के लिए जरूरी है। इसी सोच के साथ माध्यमिक शाला सोमनी की शिक्षिका बबीता गिरी बच्चों की विषयवार समझ और फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरसी (एफएलएन) को मजबूत करने नए प्रयोगों पर काम कर रही हैं। उनका प्रयास केवल पाठ पूरा कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को विषय समझने, सवाल पूछने और सीखी हुई बात को व्यवहार में लाने प्रेरित करने पर है। बेहतर तालमेल से पढ़ाई संवाद आधारित बनाने पर जोर देती हैं।
उन्होंने बताया कठिन विषयों को बच्चों के स्तर के अनुरूप सरल तरीके से समझाने के साथ गतिविधियों और प्रयोगों को सीखने की प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास कर रही है। इससे बच्चे केवल किताब में लिखी जानकारी याद करने के बजाय उसके पीछे की अवधारणा को समझने की दिशा में आगे बढ़ते हैं।
पढ़ने, लिखने और गणितीय समझ मजबूत होने पर बच्चे आगे के विषयों को आसानी से समझते है। नियमित अभ्यास, व्यक्तिगत सीखने की जरूरत पहचानना और उनकी भागीदारी बढ़ाना नवाचार का अहम हिस्सा है। सीधे संवाद कर कठिनाइयों को समझने और शिक्षण गतिविधियां तय करने से कमजोर विद्यार्थियों को भी सीखने के अवसर मिलते हैं।
