राजनांदगांव , जिला अस्पताल के वीसी रूम को मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट अस्पताल से पुराने भवन में सिविल सर्जन रूम के सामने शिफ्ट कर दिया गया है। अब गायनिक और सोनोग्राफी के डॉक्टर कोर्ट में इसी वीसी रुम से ऑनलाइन पेशी अटेंड करेंगे और गवाही देंगे। यहां इसकी शिफ्टिंग होने से डॉक्टरों की ड्यूटी पर निगरानी रहेगी। वे कोर्ट की पेशी, गवाही देने के नाम अस्पताल से गायब नहीं रहेंगे। यहां कुछ डॉक्टरों की इसी नाम से अस्पताल से गायब रहने और निजी अस्पतालों में सेवा देने की शिकायतें सामने आ रही थी।
कोर्ट की पेशी के नाम पर अस्पताल से बाहर जाने की गुंजाइश नहीं रहेगी। पहले गायनिक में गर्भवतियों की जांच प्रभावित होती थी और सोनोग्राफी में वेटिंग बढ़ती जाती थी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) रूम को पुरानी बिल्डिंग के कॉन्फ्रेंस हॉल में शिफ्ट किया गया है। यह सिविल सर्जन रूम के ठीक सामने है। नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) और पोस्टमार्टम से जुड़े मामलों में गवाही देने वाले डॉक्टर अस्पताल से बाहर गए बिना कोर्ट की कार्रवाई में ऑनलाइन शामिल हो सकेंगे।
डॉक्टरों की उपस्थिति की निगरानी भी अब आसान होगी, 26 जुलाई 2026 को डॉक्टरों की कोर्ट पेशी और अस्पताल से बाहर जाने की स्थिति से जुड़ी खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद व्यवस्था में सुधार भी आया, लेकिन अब वीसी रूम को ऐसी जगह शिफ्ट किया गया है जहां डॉक्टरों की उपस्थिति की निगरानी आसान होगी। पेशी के दौरान भी डॉक्टर अस्पताल परिसर में रहेंगे, अपनी ड्यूटी करेंगे। खासकर गायनिक विभाग में गर्भवतियों की जांच-इलाज और सोनोग्राफी की सुविधा प्रभावित होने की संभावना कम होगी।
नई व्यवस्था से डॉक्टरों की उपलब्धता, मरीजों को लाभ नई व्यवस्था से गायनिक और सोनोग्राफी विभाग के डॉक्टर वीसी के जरिए न्यायालय में पेश होंगे। वीसी रूम को सिविल सर्जन कार्यालय के सामने रखने से आसानी से पता चलेगा कि डॉक्टर निर्धारित समय पर पेशी के लिए वीसी में उपस्थित हुए या नहीं। इससे डॉक्टरों के लिए कोर्ट की पेशी को अस्पताल की ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का कारण बनाने की गुंजाइश कम होगी। गर्भवतियों की जांच और सोनोग्राफी में वेटिंग से जुड़ी शिकायतें कम होगी। जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता मरीजों के लिए बनी रहेगी।
