डोंगरगांव , नगर पालिका डोंगरगांव प्रशासनिक की नाकामी की फिर मवेशी को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। मंगलवार रात करीब 8 बजे राजीव गांधी चौक के पास एक अनियंत्रित चार पहिया वाहन ने सड़क किनारे पर बैठी गौमाता को बेरहमी से रौंद दिया और चालक वाहन समेत फरार हो गया।
हादसे में गौमाता का जबड़ा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद आक्रोशित गौसेवक सिद्धम चौपड़ा, अतिशय जैन, अनिल जैन और हर्ष बोहरा सहित अन्य युवा मौके पर पहुंचे, जिन्होंने मृत मवेशी का शव को सुरक्षित कर सुबह विधि-विधान से अंतिम संस्कार कराया।
बीते एक साल में मवेशियों से टकराकर खुज्जी के एक युवक समेत तीन लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि कई लोग अपाहिज हो चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई महज हादसों के बाद दो दिन की फोटोबाजी तक सीमित रहती है। पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में सख्त नीति और हाईकोर्ट की सीधी चेतावनी सड़क पर मवेशी दिखे तो सीधे अधिकारी जिम्मेदार होंगे कारण व्यवस्था दुरुस्त है, लेकिन राजनांदगांव जिले में अधिकारी सिर्फ अपनी पीठ थपथपाने में मस्त हैं।
मवेशी को हटाने का सतत प्रयास जारी है: सीएमओ सीएमओ विनम्र जेमा ने कहा कि नगर के मुख्य मार्ग में मवेशियों को नगर पालिका के कर्मचारियों के द्वारा सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जा रहा है, परंतु बाहरी लोगों के पशु यहां पर देर रात्रि में छोड़ने की खबर मिल रही है, हमारे द्वारा लगातार मवेशी को काऊकैचर से हटाने का कार्य किया जा रहा है, पशु मालिकों से अनुरोध किया है अपने पशु को गौठान में ही छोड़ा जाए, जिससे मुख्यमार्ग हो रहे हादसे से बच सके, नगर पालिका द्वारा मवेशी को हटाने का सतत प्रयास जारी है।
