CG : सहकारी समिति प्रबंधक की आत्महत्या मामले में पूर्व बैंक मैनेजर पर FIR, 52 लाख के फर्जी KCC ऋण का आरोप…
रायपुर। किसानों तक पहुंचने वाले खाद, बीज और कीटनाशक उत्पादों की गुणवत्ता और बिक्री व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले में कृषि सामग्री बेचने वाले प्रतिष्ठानों और गोदामों के औचक निरीक्षण के दौरान कई तरह की अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया है। कहीं बिना प्राधिकार पत्र के बीज और उर्वरक का कारोबार किया जा रहा था तो कुछ स्थानों पर एक्सपायरी कीटनाशक मिलने की बात सामने आई है। जांच के बाद तीन व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं नौ
संस्थानों में बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है और तीन गोदामों को सील किया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर राज्य और जिला स्तरीय संयुक्त जांच दल द्वारा की गई। अधिकारियों की टीम ने जिले में खाद, बीज और कीटनाशक के कारोबार से जुड़े अलग-अलग प्रतिष्ठानों और गोदामों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान लाइसेंस, प्राधिकार पत्र, स्टॉक और भंडारण सहित अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक जांच में बिना आवश्यक प्राधिकार के कारोबार करने सहित कई अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू की गई। कुछ स्थानों पर बिक्री रोकने के साथ गोदामों को सील किया गया, जबकि एक प्रतिष्ठान को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच में मेसर्स पुलकित बायोफर्टिलाइजर हरियाणा और रविन्द्र कुमार मित्तल से जुड़े मामले में बिना प्राधिकार पत्र के बीज और उर्वरक का व्यापार किए जाने की बात सामने आई है। प्रशासन के मुताबिक जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। कुल तीन व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा एकॉन क्रॉप साइंसेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एमिरॉन ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड, डेक्सीस एग्रो सॉल्यूशन, भास्कर कृषि केंद्र, अभनपुर कृषि केंद्र और सोपन एग्री केयर प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य प्रतिष्ठानों में अलग-अलग अनियमितताएं पाए जाने का दावा किया गया है। संबंधित संस्थानों के खिलाफ बिक्री प्रतिबंध और नोटिस की कार्रवाई की गई है। निधि मार्केटिंग सीएंडएफ उरकुरा से जुड़े कुछ प्रतिष्ठानों में कृषि उत्पादों के भंडारण को लेकर गड़बड़ी सामने आने पर नोटिस जारी किए जाने की जानकारी है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को भंडारण से संबंधित बॉक्स, स्टीकर और सील जैसी सामग्री भी मिली। इसके बाद संबंधित गोदाम को सील कर दिया गया।
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान निरीक्षण में सहयोग नहीं करने का मामला भी सामने आया। अधिकारियों के अनुसार आरडी इंटरप्राइजेस और डीसी इंटरप्राइजेस के विक्रय केंद्रों को निरीक्षण में सहयोग नहीं किए जाने के कारण सील किया गया है। जांच टीम अब जब्त दस्तावेजों और अन्य सामग्री की पड़ताल कर रही है। उप संचालक कृषि के मुताबिक संबंधित संस्थानों को जहां आवश्यक है वहां अपना पक्ष रखने और स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया जाएगा। स्पष्टीकरण और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
उर्वरक से संबंधित अनियमितता प्रमाणित होने पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं कीटनाशक उत्पादों में नियमों के उल्लंघन पर कीटनाशी अधिनियम 1968 और संबंधित नियम 1971 के तहत कार्रवाई की बात कही गई है। प्रशासन का उद्देश्य किसानों तक निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद, बीज और कीटनाशक पहुंचाना तथा अनधिकृत कारोबार पर रोक लगाना है। आने वाले दिनों में कृषि सामग्री के विक्रय और भंडारण केंद्रों की जांच जारी रहने की संभावना है।
