राजनांदगांव | प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता गणेश का आगमन हुआ। बप्पा के भक्त बैंड बाजा, धुमाल, भक्ति गीत की धुन में नाचते, आतिशबाजी के बीच, जय घोष करते हुए घरों-पंडालों में स्थापित किए। ज्योतिषी गणना के अनुसार 14 सितंबर को उदिया तिथि में तीज पर्व के साथ चतुर्थी तिथि का आगमन हुआ।
ज्योतिषी दुविधा के बावजूद भक्तों बप्पा के स्वागत में कोई कमी नहीं की। शासन-प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए ओवर ब्रिज के नीचे सामूहिक पंडाल लगाकर मूर्तिकारों को स्थान दे दिया, जहां प्रतिमा ले जाने, दर्शन करने वालों की भीड़ उमड़ी रही है।
