राजनांदगांव : बिछा रहे 5.64 करोड़ का नया एस्ट्रोटर्फ, नए साल में तोहफा…
राजनांदगांव , हॉकी की नर्सरी कहे जाने वाले राजनांदगांव के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम का कायाकल्प शुरू हो चुका है। पिछले 11 वर्षों से बिछे पुराने टर्फ के खराब होने, सतह उखड़ने और जगह-जगह कीचड़ व काले धब्बे जमने के कारण खिलाड़ियों को अभ्यास में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पिछले वर्ष मिली स्वीकृति के बाद अब करीब 5.64 करोड़ रुपए की लागत से नया एस्ट्रोटर्फ बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है।
शनिवार से पुराने टर्फ को उखाड़ने का काम मजदूरों ने शुरू कर दिया है। एक सप्ताह में इसे पूरी तरह से उखाड़ दिया जाएगा। इसके बाद नया टर्फ लगाने का काम शुरू होगा। 22 करोड़ की लागत से पूरे स्टेडियम का निर्माण 11 साल पहले कराया गया था। कुछ ही सालों में टर्फ खराब होने की वजह से यहां अखिल भारतीय महंत राजा सर्वेश्वरदास स्मृति हॉकी प्रतियोगिता भी नहीं हो पाई है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले साल यह स्पर्धा होगी।
शनिवार को स्टेडियम का जायजा लिया। पाया कि यहां कुर्सियां टूट चुकी हैं। गैलरी में पूरी तरह से काई जमी हुई है। यहां स्प्रिंकलर भी खराब हो चुके हैं। पूरी बिल्डिंग की हालत भी खराब है। मरम्मत कराने योग्य स्थिति है। साथ ही यहां पवेलियन और खिलाड़ियों के रुकने के कमरे के फ्लोर उखड़ चुके हैं। पंखे चल नहीं रहे। ऊपर से बाथरूम के दरवाजे टूट चुके हैं। टॉयलेट की सीट भी खराब हो चुकी है। नए सिरे से मरम्मत कराने की आवश्यकता है।
जनवरी के अंत तक काम पूरा हो जाएगा ^जनवरी के अंत तक यह मैदान पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा। नया टर्फ लगने से न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि यहां फिर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े टूर्नामेंट्स का रोमांच देखने को मिलेगा। – जितेंद्र यादव, कलेक्टर
राज्य स्तरीय स्कूल हॉकी टूर्नामेंट 24 से 27 से स्टेडियम में आयोजित किया गया था। इसकी तैयारी यहां पूरी हो चुकी थी। अब इसे नवागांव के चट मैदान में शिफ्ट किया गया है। शिक्षकों ने निवेदन किया था कि इसका आयोजन हॉकी स्टेडियम में पहले करा लें। इसके बाद टर्फ को बदलने का काम शुरू करें। हालांकि समय परिस्थिति को देखते हुए निर्णय लिया गया कि काम की शुरुआत कर दी जाए। अब यह काम शुरू कर दिया गया है।
