CG : सेवा की कहानी : मातृत्व के सफर में महिलाओं का संबल बनी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
माताओं को आर्थिक सहायता, बच्चों के पोषण और बेहतर देखभाल को मिला सहारा
रायपुर,
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासन की हितग्राहीमूलक योजनाएं माताओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मातृत्व के महत्वपूर्ण दौर में महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर उनके स्वास्थ्य, पोषण और बच्चों की बेहतर देखभाल में सहायक बन रही है।
बलरामपुर जिले की नेहा गुप्ता और हसरत खान की कहानी इस योजना के प्रभाव को दर्शाती है। नेहा गुप्ता को पहली संतान के जन्म पर 5 हजार रुपये तथा दूसरी संतान के रूप में बालिका के जन्म पर 6 हजार रुपये, इस प्रकार कुल 11 हजार रुपये की सहायता प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि इस राशि का उपयोग बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और स्वयं की देखभाल में किया।
इसी तरह हसरत खान को अपनी दोनों बेटियों के जन्म के समय प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ मिला। उन्होंने बताया कि मातृत्व के दौरान प्राप्त आर्थिक सहायता से बेटियों की देखभाल, पोषण और आवश्यक जरूरतें पूरी करने में मदद मिली तथा परिवार पर आर्थिक दबाव कम हुआ।
दोनों महिलाओं का कहना है कि मातृत्व के इस महत्वपूर्ण दौर में मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें आत्मविश्वास दिया और बच्चों की बेहतर परवरिश में सहारा प्रदान किया। उन्होंने शासन की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं माताओं और बेटियों के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की नींव मजबूत करती हैं।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को निर्धारित पात्रता के अनुसार वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं को मातृत्व के दौरान आर्थिक संबल प्रदान करना है। सेवा संकल्प अभियान के तहत ऐसी सेवा की कहानियां यह दर्शाती हैं कि शासन की योजनाओं का लाभ जब जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचता है, तो वह उनके जीवन में भरोसे और आत्मनिर्भरता का आधार बनता है।
