मत्स्य पालन से मिला 2 लाख रूपए का शुद्ध लाभ
राजनांदगांव । प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने जिले के मत्स्य पालकों को मत्स्य पालन के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने और इसे लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाने का अवसर दिया है। योजना के माध्यम से संवर्धन पोखर निर्माण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से मत्स्य पालकों को व्यवस्थित रूप से मत्स्य उत्पादन करने में सहायता मिल रही है। इसका प्रत्यक्ष लाभ छुरिया विकासखंड के ग्राम बैरागीभेड़ी निवासी खिलावन राव पवार को मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के सहयोग से मत्स्य पालन को आय का बेहतर साधन बनाया है।
मत्स्य पालक खिलावन राव पवार ने बताया कि उनका मछली पालन एवं विक्रय का व्यवसाय है। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत संवर्धन पोखर निर्माण का लाभ लेते हुए 0.60 हेक्टेयर जलक्षेत्र विकसित किया। जिसमें योजना के तहत 1.32 लाख रूपए का अनुदान प्राप्त हुआ। योजना से मिले सहयोग से उनके लिए मत्स्य पालन को व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक तरीके से करने का आधार तैयार हुआ। उन्होंने पिछले वर्ष विकसित जलक्षेत्र से 5 टन मत्स्य उत्पादन प्राप्त किया। जिसका उत्पादन व्यय लगभग 1 लाख 80 हजार रूपए रहा और मछलियों के विक्रय से 2 लाख रूपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया। इस आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मत्स्य पालक खिलावन राव पवार ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से संवर्धन पोखर निर्माण की सुविधा मिलने से मत्स्य पालन को बेहतर ढंग से करने का अवसर मिला। पहले मत्स्य पालन एक पारंपरिक गतिविधि के रूप में किया जाता था। अब इसे व्यवस्थित और लाभकारी व्यवसाय के रूप में कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत संवर्धन पोखर निर्माण के लिए मिले आर्थिक सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
