CG : नाबालिग को अगवा कर किया गैंगरोप, दो आरोपी गिरफ्तार …
मुंगेली। जिले के जरहागांव थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पहले नाबालिग के साथ गाली-गलौज और मारपीट की तथा उसे और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर एक घर में ले जाने, कथित तौर पर नशीला इंजेक्शन लगाने और दैहिक शोषण करने का आरोप है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार घटना की शुरुआत 29 सितंबर 2026 को हुई। नाबालिग अपनी सहेली के घर से वापस घर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में दो युवकों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि दोनों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। साथ ही उसे धमकी दी कि यदि वह घर गई तो उसे और उसके परिवार के सदस्यों को जान से मार दिया जाएगा। पुलिस के मुताबिक धमकी से भयभीत नाबालिग अपने घर नहीं गई और सकरी होते हुए रतनपुर मंदिर चली गई। अगले दिन यानी 30 सितंबर की शाम करीब 5 बजे जब वह वापस लौटी, तब आरोपियों ने उसे फिर रोक लिया। आरोप है कि दोनों उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर गांव के एक घर में ले गए।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घर पहुंचने के बाद नाबालिग के हाथ पकड़े गए और उसे नशीला इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद बेहोशी की स्थिति में उसके साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन नाबालिग को लेकर जरहागांव थाना पहुंचे और पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए शिकायत दर्ज कराई। मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने शिकायत के आधार पर तत्काल अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115(2), 351(3), 137(2), 65(1), 70(2), 3(5) और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सभी आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में जरहागांव पुलिस की टीम ने जांच आगे बढ़ाई। पुलिस ने जांच के दौरान सबसे पहले पीड़िता का कथन दर्ज कराया और उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसके बाद घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले से संबंधित साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस टीम ने घटना से जुड़े लोगों से जानकारी लेने के साथ आरोपियों की तलाश शुरू की।
विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में दोनों ने अपराध करना स्वीकार किया। हालांकि कथित स्वीकारोक्ति सहित पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों का अंतिम परीक्षण न्यायालय में होगा। पुलिस ने मामले में साहिल यादव (19) और प्रहलाद धुरी (30) को 2 अक्टूबर को विधिवत गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया गया। नाबालिग से जुड़े इस गंभीर मामले में पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के साथ अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए नशीले इंजेक्शन और घटनास्थल से संबंधित पहलुओं की भी विवेचना की जा रही है। पीड़िता की पहचान और उससे जुड़ी ऐसी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए जिससे उसकी पहचान उजागर हो सके।
