राजनांदगांव , बिजली कंपनी ने किसके नाम मीटर कनेक्शन, कौन यूजर इसकी पहचान करने 1 सितंबर से उपभोक्ताओं की ई-केवायसी शुरू की थी। माहभर में 2500 ने ही ई-केवाइसी कराई, जबकि जिले में 294638, कबीरधाम में 203931, केसीजी में 108733 वहीं एमएमसी में 76037 उपभोक्ता है। तीन जिले में 6 लाख 83 हजार उपभोक्ता है। अधिकतर ने मोर बिजली एप से ई-केवाइसी कराई जबकि शेष उपभोक्ताओं ने नहीं इस एप से ई केवाइसी की और नहीं बिजली कंपनी के कार्यालयों में पहुंचे हैं।
बिजली कंपनी ने विगत दिनों वसूली अभियान चलाया था जो बाद में ठंडा पड़ गया। प्री पेड सिस्टम से सरकारी विभागों सहित स्कूलों में सप्लाई बंद हुई तो उसे भी शुरू किया गया। कंपनी ने बाकायदा हमने बिजली नहीं काटी इसकी सफाई पेश की। शहर डिवीजन के ईई शंखेश्वर कंवर ने कहा सरकारी विभागों से बकाया वसूल करने अभियान चला कर कनेक्शन काटने की कार्रवाई करेंगे। फिलहाल नोटिस भेजा गया, रिमांइडर किया गया, कुछ विभागों ने बकाया बिजली बिल की राशि जमा भी की है।
स्मार्ट मीटर में आगे और बकाया वसूली में पिछड़े स्मार्ट मीटर के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में लक्ष्य 539528 के मुकाबले लगभग 496800 कनेक्शन में 92 प्रतिशत स्मार्ट मीटर लग चुके है। लेकिन बकाया बिजली बिल वसूली अभियान ठंडा पड़ा है। तीनों जिले के सरकारी दफ्तरों, घरेलू और गैर घरेलू, कॉमर्शियल कनेक्शन मिला कर राजनांदगांव जिले में करीब 56 करोड़ से ज्यादा, केसीजी और एमएमसी जिले में 50 करोड़ से ज्यादा इस तरह 100 करोड़ से ज्यादा का बकाया वसूलना बिजली कंपनी के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा। प्री पेड सिस्टम के तहत किसी विभाग ने तीन माह के औसत खपत की एकमुश्त एडवांस राशि भी अब तक जमा नहीं की गई है।
