राजनांदगांव : धान बेचने के लिए सह खातेदारों का एग्रीस्टैक पंजीयन जरूरी नहीं, आदेश जारी...
प्रदेश सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को बड़ी राहत प्रदान की है
राजनांदगांव । प्रदेश सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को बड़ी राहत दी है। अब केवल लंबरदार का ही एग्रीस्टैक पंजीयन होना अनिवार्य रहेगा। सह खातेदारों को एग्रीस्टैक पंजीयन कराने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। शासन ने सोमवार को इस संबंध में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद पंजीयन के लिए भटक रहे हजारों किसानों को राहत मिल सकेगी।
बताया गया है कि जिले में करीब डेढ़ लाख ऐसे किसान हैं, जिनका सह खाताधारक होने के कारण पंजीयन होना बाकी था। अब शासन के नए आदेश के बाद इन किसानों को भी समर्थन मूल्य पर धान बेचने में राहत मिलेगी।
पंजीयन अब अनिवार्य नहीं
इस श्रेणी की महिला खातेदारों द्वारा भी मोबाइल ओटीपी के आधार पर अपना एग्रीस्टैक पंजीयन कराया गया था। सोमवार को शासन ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए पूर्व में जारी सह खातेदारों की एग्रीस्टैक पंजीयन की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है।
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब केवल लंबरदार का एग्रीस्टैक पंजीयन होना अनिवार्य है। सह खातेदारों को एग्रीस्टैक पंजीयन कराने की कोई जरूरत नहीं होगी। इससे उन किसानों को बड़ी राहत मिलेगी, जो पंजीयन के लिए परेशान हो रहे थे।
एग्रीस्टैक पंजीयन का टारगेट पूरा
खाते में शामिल सभी किसानों के एग्रीस्टैक पंजीयन को अनिवार्य करने के बाद छत्तीसगढ़ के किसान बड़ी संख्या में एग्रीस्टैक पंजीयन कराने सेंटर पहुंच रहे थे। अधिकारियों के अनुसार मिली जानकारी के मुताबिक जिले में अब तक डेढ़ लाख किसानों का पंजीयन हो चुका है।
पिछले साल धान बेचने वाले लगभग सभी किसानों का पंजीयन हो गया है। वहीं शेष बचे किसानों में बड़ी संख्या सह खातेदारों की थी। नए आदेश के बाद अब इनको पंजीयन नहीं कराना होगा।
सह खातेदारों को मिली राहत
शासन के इस निर्णय से उन किसानों को राहत मिली है, जो सह खातेदार होने के कारण एग्रीस्टैक पंजीयन को लेकर परेशान थे। अब लंबरदार का पंजीयन होने पर सह खातेदार भी समर्थन मूल्य पर अपनी धान की फसल बेच सकेंगे।
की गई नई व्यवस्था
खाद्य सचिव मनोज कुमार ने बताया कि खाते में दर्ज सभी सह खातेदार किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन अब आवश्यक नहीं है। धान बेचने के लिए केवल लंबरदार का पंजीयन अनिवार्य होगा। शासन द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।
इस फैसले से प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर उन सह खातेदार किसानों को अब पंजीयन के लिए एग्रीस्टैक सेंटर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, जिनका पंजीयन अभी तक नहीं हो पाया था।
