CG : रंगों और विचारों में साकार हुआ विकसित भारत का सपना, बीजापुर के विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा …
भाषण में तिलेश्वरी यादव और चित्रकला में ट्रस्टी कुंजाम ने हासिल किया प्रथम स्थान
बीजापुर । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने और उनमें राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से एकलव्य विद्यालय बीजापुर में ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर जिला स्तरीय चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
प्रतियोगिता में जिले के बीजापुर, भैरमगढ़, उसूर एवं भोपालपटनम विकासखंड के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी कल्पनाशीलता, रचनात्मक सोच और प्रभावशाली अभिव्यक्ति के माध्यम से विकसित भारत की सुंदर परिकल्पना प्रस्तुत की। प्रतियोगिता में प्रत्येक विकासखंड से भाषण विधा में 5 तथा चित्रकला विधा में 20 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस प्रकार चारों विकासखंडों से कुल 100 विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने शिक्षा, विज्ञान, आधुनिक तकनीक, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को अपने विचारों एवं कलाकृतियों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया।
भाषण प्रतियोगिता में तिलेश्वरी यादव ने मारी बाजी, विकसित भारत के निर्माण में शिक्षा और युवा शक्ति का बताया महत्व- जिला स्तरीय भाषण प्रतियोगिता में नवीन प्राथमिक शाला कर्रेमरका की छात्रा तिलेश्वरी यादव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय भैरमगढ़ की छात्रा निशा यादव ने द्वितीय तथा प्राथमिक शाला पैदापारा की छात्रा सुमन नेताम ने तृतीय स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए एक ऐसे भारत की कल्पना प्रस्तुत की, जहां प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, आधुनिक तकनीक और विकास के समान अवसर प्राप्त हों। विद्यार्थियों ने देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में शिक्षा, युवा शक्ति, वैज्ञानिक सोच, सामाजिक सहभागिता और नागरिक जिम्मेदारियों के महत्व को रेखांकित किया।
चित्रकला में ट्रस्टी कुंजाम प्रथम, रंगों और रेखाओं से उकेरी विकसित भारत की तस्वीर- चित्रकला प्रतियोगिता में एकलव्य विद्यालय बीजापुर की छात्रा ट्रस्टी कुंजाम ने अपनी आकर्षक एवं संदेशपूर्ण कलाकृति के माध्यम से प्रथम स्थान प्राप्त किया। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय आवापल्ली की छात्रा प्रमिला मीडियम ने द्वितीय तथा अंकुर पब्लिक स्कूल बीजापुर की छात्रा गरिमा एंड्रिक ने तृतीय स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाओं को रंगों और रेखाओं के माध्यम से कैनवास पर उतारते हुए भविष्य के विकसित भारत की तस्वीर प्रस्तुत की। किसी ने आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रगति को चित्रों में स्थान दिया, तो किसी ने स्वच्छ एवं हरित भारत, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को अपनी कलाकृतियों का आधार बनाया। विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों में देश के प्रति प्रेम, सकारात्मक सोच और बेहतर भविष्य के निर्माण की आकांक्षा स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
सेवा संकल्प अभियान से विद्यार्थियों में विकसित हो रही रचनात्मक सोच और राष्ट्र निर्माण की भावना- सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए सशक्त मंच प्रदान करना, उनकी कल्पनाशीलता एवं अभिव्यक्ति क्षमता को प्रोत्साहित करना तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, तार्किक चिंतन और रचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक होती हैं। साथ ही उन्हें सामाजिक सरोकारों, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय विकास और नागरिक कर्तव्यों के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा भी मिलती है।
बीजापुर की उभरती प्रतिभाओं ने दिया संदेश -आज के विद्यार्थी ही कल के विकसित भारत के निर्माता- जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह साबित किया कि बीजापुर के दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के बच्चों में भी प्रतिभा, कल्पनाशीलता और आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। उचित अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर ये विद्यार्थी शिक्षा, कला, विज्ञान एवं अन्य क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बना सकते हैं। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धि से संबंधित विद्यालयों एवं शिक्षकों में उत्साह का वातावरण रहा। विद्यार्थियों ने अपने विचारों और चित्रों के माध्यम से यह प्रेरणादायक संदेश दिया कि विकसित भारत का सपना केवल कल्पना नहीं, बल्कि शिक्षा, परिश्रम, नवाचार और सामूहिक सहभागिता से साकार होने वाला भविष्य है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों की प्रतिभा को नई पहचान देने के साथ उन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने वाली महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।
