Durg : साइबर ठगी में म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने के मामले में सुपेला पुलिस की कार्रवाई, एक आरोपी गिरफ्तार; प्रकरण में अब तक 26 आरोपी गिरफ्तार
मनीष त्रिपाठी पत्रकार
▪️ गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर 172 बंधन बैंक खातों का साइबर ठगी में उपयोग किए जाने के मामले में अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
▪️ विवेचना के दौरान बैंक कर्मचारियों के कथन, खाता संबंधी जानकारी एवं अन्य साक्ष्यों का संकलन कर खाताधारकों की भूमिका की जांच की गई।
▪️ आरोपी मोहन राव को उसके बैंक खाते का ऑनलाइन साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने में उपयोग किए जाने के मामले में गिरफ्तार किया गया।
▪️ प्रकरण में पूर्व में 25 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वर्तमान कार्रवाई के बाद गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 26 हो गई है।
▪️ गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। प्रकरण में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए विवेचना जारी है।
मुख्य बिंदु
थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 679/2026 के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(3) एवं 318(4) के तहत दर्ज प्रकरण में साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए बैंक खातों के उपयोग की जांच की जा रही है। विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
संक्षिप्त विवरण
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जानकारी में सामने आया कि देश के विभिन्न राज्यों में लोगों के साथ हुई ऑनलाइन साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए 172 बंधन बैंक खातों का उपयोग किया गया है। उक्त खातों के माध्यम से अवैध रूप से धनराशि प्राप्त किए जाने के संबंध में थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 679/2026 पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
विवेचना के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तथा बैंक स्टाफ के कथन दर्ज कर संबंधित खाताधारकों के बैंक खातों की जानकारी प्राप्त की गई। खातों में साइबर ठगी की रकम प्राप्त होने एवं खातों के उपयोग से संबंधित तथ्यों की जांच की गई। विवेचना के दौरान आरोपियों से पूछताछ कर उनके कथनों तथा उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया गया।
प्रकरण में आरोपी मोहन राव की भूमिका के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। इस प्रकरण में पूर्व में 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वर्तमान गिरफ्तारी के बाद कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 26 हो गई है। अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)
प्रकरण में सामने आए तथ्यों के अनुसार, साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को बैंक खातों में प्राप्त करने के लिए खातों का उपयोग किया गया। ऐसे खातों के माध्यम से ठगी की रकम प्राप्त कर उसे आगे हस्तांतरित किए जाने की भूमिका की जांच की जा रही है। खाताधारकों की जानकारी, बैंक रिकॉर्ड एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का परीक्षण किया जा रहा है।
घटना स्थल
थाना सुपेला क्षेत्र, जिला दुर्ग। प्रकरण में विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से देश के अलग-अलग राज्यों में हुई ऑनलाइन साइबर ठगी से संबंधित धनराशि प्राप्त किए जाने की जांच की जा रही है।
आरोपी का नाम
- मोहन राव, उम्र 28 वर्ष, निवासी इंदिरा नगर, वार्ड क्रमांक 16, सुपेला, थाना सुपेला, जिला दुर्ग।
अपराध का विवरण
अपराध क्रमांक : 679/2026
थाना : सुपेला, जिला दुर्ग
धारा : 318(2), 318(3), 318(4), भारतीय न्याय संहिता (Bns
सराहनीय कार्य
उक्त कार्रवाई में थाना सुपेला के थाना प्रभारी निरीक्षक एस.एन. सिंह, उप निरीक्षक धनेश्वर साहू, आरक्षक प्रदीप सिंह तथा एसीसीयू (ACCU) की टीम का योगदान रहा। पुलिस टीम द्वारा बैंक खातों से संबंधित जानकारी, उपलब्ध अभिलेखों एवं विवेचना में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की भूमिका की जांच कर वैधानिक कार्रवाई की गई।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, ओटीपी अथवा बैंकिंग संबंधी जानकारी उपलब्ध न कराएं। कमीशन या अन्य लाभ के लालच में अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को उपयोग करने के लिए देना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। साइबर ठगी की जानकारी मिलने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

