CG : बाजार में पिता से बिछड़ा 5 साल का मासूम, दो घंटे बाद पुलिस बनी सहारा …
बतौली-सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता का एक सराहनीय मामला सामने आया है। बतौली थाना क्षेत्र के साप्ताहिक बाजार में गुरुवार को अपने पिता के साथ खरीदारी करने आया 5 साल का मासूम बच्चा भारी भीड़ के बीच बिछड़ गया। पिता से अलग होने के बाद बच्चा करीब दो घंटे तक बाजार में रोते-बिलखते भटकता रहा। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की नजर मासूम पर पड़ी। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित थाने पहुंचाया और कुछ ही देर बाद उसे उसके परिजनों से मिलवा दिया। बच्चे को सकुशल पाकर पिता की आंखें भर आईं।
पिता के साथ बाजार आया था 5 साल का रुद्र मिली जानकारी के अनुसार, बतौली थाना क्षेत्र के ग्राम बोदा निवासी मोहित घासी अपने 5 वर्षीय बेटे रुद्र को लेकर गुरुवार को त्योहारी साप्ताहिक बाजार पहुंचे थे। त्योहार के कारण बाजार में काफी भीड़ थी। इसी दौरान मासूम रुद्र अपने पिता से बिछड़ गया। पिता से अलग होने के बाद बच्चा घबरा गया और बाजार में इधर-उधर भटकने लगा। वह करीब दो घंटे तक रोते हुए अपने पिता को तलाशता रहा। कम उम्र होने के कारण बच्चा किसी को अपना पूरा नाम और पता भी ठीक से नहीं बता पा रहा था।
पुलिस ने पूछा नाम-पता, बच्चा बोला सिर्फ ‘बोदा और पापा’ साप्ताहिक बाजार में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात प्रशिक्षु एसआई शिव ध्रुव, प्रधान आरक्षक अनूप कुजूर, मेबीस खाखा और आरक्षक जोगी बड़ा की नजर रोते-बिलखते बच्चे पर पड़ी। पुलिसकर्मियों ने बच्चे के पास पहुंचकर उसे शांत कराने का प्रयास किया। इसके बाद उससे उसका नाम, घर का पता और पिता के बारे में जानकारी पूछी गई। लेकिन डरा-सहमा मासूम बार-बार सिर्फ ‘बोदा और पापा’ ही बोल पा रहा था। बच्चे की स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की। इसके बाद उसे बाजार से सुरक्षित बतौली थाने लाया गया।
थाने में बेटे को देखकर भावुक हो गए पिता पुलिसकर्मियों ने मासूम रुद्र को थाने में सुरक्षित बैठाया और उसकी देखभाल की। इस बीच बच्चे के परिजन भी उसे लगातार तलाश रहे थे। बताया गया कि बच्चे को थाने लाने के करीब एक घंटे बाद उसके पिता मोहित घासी और दादा गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने बतौली थाने पहुंचे। थाने पहुंचते ही उनकी नजर रुद्र पर पड़ी। अपने लापता बेटे को सुरक्षित देखकर पिता भावुक हो गए। उन्होंने बेटे को सकुशल वापस मिलने पर राहत की सांस ली और बतौली पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया।
पुलिस की तत्परता से परिवार को मिली राहत इस पूरे घटनाक्रम में बाजार ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता महत्वपूर्ण रही। रोते हुए बच्चे को अकेला देखकर पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसकी मदद की। बच्चे से सीमित जानकारी मिलने के बावजूद उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। इसके बाद परिजनों के थाने पहुंचने पर बच्चा अपने परिवार से मिल सका। थाना प्रभारी ने अभिभावकों से की विशेष अपील घटना के बाद बतौली थाना प्रभारी विवेक सेंगर ने क्षेत्र के लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि त्योहारों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में छोटे बच्चों को साथ लेकर जाने वाले अभिभावक उनका विशेष ध्यान रखें। अधिक भीड़ होने पर बच्चों के बिछड़ने का खतरा रहता है। थाना प्रभारी ने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अकेला न छोड़ें। यदि उनकी पर्याप्त देखभाल संभव नहीं हो तो उन्हें घर पर सुरक्षित रखने की व्यवस्था करें। थोड़ी सी सतर्कता से बच्चों और पूरे परिवार को परेशानी से बचाया जा सकता है।
