CG : CGPSC में अध्यक्ष की कुर्सी खाली, 265 पदों के इंटरव्यू अटके, 297 पदों की परीक्षा भी स्थगित ..
रायपुर : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) में अध्यक्ष पद एक महीने से अधिक समय से रिक्त होने के कारण भर्ती प्रक्रियाओं पर असर पड़ रहा है। राज्य सेवा परीक्षा-2025 के तहत विभिन्न विभागों के 265 पदों के लिए प्रस्तावित साक्षात्कार और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया स्थगित हो चुकी है। वहीं, पुलिस विभाग के 297 पदों के लिए नवंबर में होने वाली मुख्य परीक्षा भी टाल दी गई है। नई तारीखों का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि रुकी हुई भर्ती प्रक्रियाएं कब दोबारा शुरू होंगी। आयोग की पूर्व अध्यक्ष रीता शांडिल्य 8 सितंबर 2026 को पद से मुक्त हो गई थीं। इसके बाद से नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर असमंजस बना हुआ है। आयोग के महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसलों और नियुक्ति प्रक्रियाओं में देरी को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। कांग्रेस सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रही है, जबकि भाजपा पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सामने आए सीजीपीएससी भर्ती घोटाले का मुद्दा उठा रही है।
एक महीने से ज्यादा समय से खाली अध्यक्ष का पद छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की पूर्व अध्यक्ष रीता शांडिल्य 62 वर्ष की आयु पूरी होने के कारण 8 सितंबर 2026 को पदमुक्त हो गई थीं। इसके बाद आयोग में नए अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। रिपोर्टों के अनुसार, कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी किसी अधिकारी को नहीं सौंपी गई। आयोग के अध्यक्ष का पद अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। भर्ती परीक्षाओं, साक्षात्कार, प्रशासनिक निर्णयों और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं में अध्यक्ष की भूमिका होती है। अध्यक्ष पद रिक्त होने के कारण कई मामलों में निर्णय लेने में देरी की बात सामने आई है। हालांकि, आयोग ने साक्षात्कार स्थगित करने के आधिकारिक नोटिस में अध्यक्ष पद रिक्त होने को स्पष्ट कारण नहीं बताया था।
राज्य सेवा परीक्षा के 265 पदों का इंटरव्यू स्थगित छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा-2025 के अंतर्गत 20 विभागों के 265 पदों के लिए दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार की प्रक्रिया स्थगित कर दी थी। पहले यह प्रक्रिया 20 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 के बीच प्रस्तावित थी, लेकिन आयोग ने 16 सितंबर को जारी सूचना में अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए कार्यक्रम स्थगित कर दिया। आयोग ने कहा था कि दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार की नई तारीखों की घोषणा उसकी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से की जाएगी। इस फैसले का असर मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण कर साक्षात्कार की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों पर पड़ा है।
297 पदों की पुलिस भर्ती परीक्षा भी टली छत्तीसगढ़ में पुलिस विभाग की सूबेदार, उप निरीक्षक और प्लाटून कमांडर भर्ती की मुख्य परीक्षा भी स्थगित कर दी गई है। इस भर्ती के तहत कुल 297 पदों को भरा जाना है। परीक्षा का आयोजन 2 से 4 नवंबर 2026 तक प्रस्तावित था। लोक सेवा आयोग ने 13 अक्टूबर को सूचना जारी कर अपरिहार्य कारणों से निर्धारित परीक्षा कार्यक्रम स्थगित करने की जानकारी दी। आयोग की ओर से नई परीक्षा तारीख की घोषणा अलग से की जानी है। इस निर्णय के बाद परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को संशोधित कार्यक्रम का इंतजार है।
PWD के 40 पदों की भर्ती भी प्रभावित लोक निर्माण विभाग के 40 पदों से जुड़ी परीक्षा भी स्थगित होने की जानकारी सामने आई है। लगातार भर्ती कार्यक्रमों में बदलाव से विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के सामने अनिश्चितता बढ़ गई है। परीक्षा स्थगित होने के बाद उम्मीदवारों को नई तारीखों के अनुसार अपनी तैयारी की योजना बदलनी पड़ती है। अध्यक्ष की नियुक्ति और परीक्षा कार्यक्रम स्पष्ट नहीं होने के कारण भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आगे के निर्णयों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। 1:3 अनुपात पर विवाद, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब राज्य सेवा परीक्षा-2025 की चयन प्रक्रिया में साक्षात्कार के लिए बुलाए गए अभ्यर्थियों की संख्या को लेकर भी विवाद सामने आया है। कुल 265 पदों के लिए मुख्य परीक्षा के बाद 608 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए चयनित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इस मामले में अभ्यर्थियों ने निर्धारित 1:3 अनुपात के पालन को लेकर सवाल उठाए। मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां आयोग से जवाब मांगा गया। हालांकि, संख्या में अंतर अपने आप में मूल्यांकन में गड़बड़ी साबित नहीं करता। यह न्यायिक और प्रशासनिक जांच का विषय है। CGPSC भर्ती घोटाले की पृष्ठभूमि में बढ़ा विवाद छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग वर्ष 2021 की राज्य सेवा भर्ती से जुड़े कथित घोटाले के कारण पहले भी विवादों में रहा है। इस मामले में आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी सहित अन्य लोगों के खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई हुई थी। अब अध्यक्ष पद रिक्त रहने और भर्ती प्रक्रियाएं स्थगित होने के बीच आयोग के प्रशासनिक कामकाज तथा चयन प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, पूर्व भर्ती घोटाले और वर्तमान में परीक्षा स्थगित किए जाने को एक ही मामले के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। दोनों की परिस्थितियां और कानूनी स्थिति अलग हैं। आयोग में एक सदस्य का पद भी रिक्त उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आयोग में वर्तमान सदस्य के रूप में डॉ. प्रवीण वर्मा, सरिता उइके और संतकुमार नेताम कार्यरत हैं। तीनों की नियुक्ति पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई थी। आयोग में अध्यक्ष के अलावा एक सदस्य का पद भी रिक्त होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में खाली पदों पर नियुक्ति और आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने सीजीपीएससी अध्यक्ष पद रिक्त रहने और साक्षात्कार स्थगित होने को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान यूपीएससी की तर्ज पर पारदर्शी भर्ती व्यवस्था विकसित करने और एक लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन युवाओं से किए गए वादों को पूरा नहीं किया गया। शुक्ला ने राज्य सेवा परीक्षा-2025 के मूल्यांकन और साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अध्यक्ष की समय पर नियुक्ति करने में सरकार ने देरी की है। ये विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। भाजपा का पलटवार कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा सांसद और मुख्य प्रवक्ता संतोष पांडेय ने पलटवार किया है। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान सीजीपीएससी में सामने आए कथित भर्ती घोटाले का जिक्र करते हुए कांग्रेस की आलोचना की। संतोष पांडेय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आयोग की भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार हुआ और कुछ प्रभावशाली लोगों के परिजनों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व आयोग अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों और अदालत में अपराध सिद्ध होने के बीच कानूनी अंतर है। सरकारी अधिकारियों के प्रमोशन पर भी असर सीजीपीएससी अध्यक्ष पद रिक्त होने का असर केवल नई भर्तियों तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। विभिन्न विभागों में सरकारी अधिकारियों की पदोन्नति से संबंधित प्रक्रियाएं भी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ ने इस संबंध में सरकार को पत्र लिखकर अध्यक्ष की नियुक्ति और लंबित प्रशासनिक कार्यों पर ध्यान देने का आग्रह किया है। इससे आयोग के नियमित प्रशासनिक कामकाज पर पड़ रहे व्यापक असर का मुद्दा भी सामने आया है। अभ्यर्थियों की नजर नई परीक्षा तारीखों पर राज्य सेवा परीक्षा, पुलिस भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवार अब संशोधित परीक्षा कार्यक्रम का इंतजार कर रहे हैं। भर्ती की तारीखें बदलने से उम्मीदवारों की तैयारी, भविष्य की योजनाओं और नौकरी मिलने की समयसीमा पर असर पड़ सकता है। फिलहाल आयोग की ओर से स्थगित कार्यक्रमों के संबंध में जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करना जरूरी है। अभ्यर्थी नई तारीखों और परीक्षा से जुड़े निर्देशों के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट psc.cg.gov.in देख सकते हैं। कब होगी नए अध्यक्ष की नियुक्ति? छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में नए अध्यक्ष की नियुक्ति का विषय महत्वपूर्ण बना हुआ है। रिक्त पद भरने के बाद लंबित भर्ती प्रक्रियाओं और प्रशासनिक निर्णयों के आगे बढ़ने की अपेक्षा की जा रही है। हालांकि, केवल अध्यक्ष की नियुक्ति होने से सभी स्थगित परीक्षाएं स्वतः शुरू नहीं हो जाएंगी। इसके लिए आयोग को अलग-अलग संशोधित कार्यक्रम जारी करने होंगे। फिलहाल हजारों प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए सबसे जरूरी बात भर्ती प्रक्रियाओं की स्पष्ट समयसीमा और आधिकारिक जानकारी है।
